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March 24 2026 01:35 am

असम की सियासत में उबाल पाकिस्तान जाना अपराध नहीं तो क्या है? हिमंत सरमा ने गौरव गोगोई को बताया विदेशी एजेंट

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News India Live, Digital Desk: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के बीच जुबानी जंग अब एक नए और तीखे मोड़ पर पहुंच गई है। सीएम सरमा ने गौरव गोगोई पर सीधा हमला बोलते हुए उन्हें 'विदेशी ताकतों का एजेंट' करार दिया है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब गौरव गोगोई ने पाकिस्तान यात्रा और उससे जुड़े संदर्भों पर एक बयान दिया, जिस पर मुख्यमंत्री ने कड़ा ऐतराज जताया है।

विवाद की जड़: 'पाकिस्तान' और 'एजेंट' वाला बयान मुख्यमंत्री सरमा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गौरव गोगोई के पुराने बयानों और रुख पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग भारत विरोधी ताकतों के प्रति नरम रुख रखते हैं या उनकी भाषा बोलते हैं, वे राज्य और देश के हितों के साथ समझौता कर रहे हैं।

सरमा ने तंज कसते हुए पूछा, "अगर पाकिस्तान जाना और वहां की पैरवी करना अपराध की श्रेणी में नहीं आता, तो फिर अपराध की परिभाषा क्या है?" उन्होंने आरोप लगाया कि गोगोई का व्यवहार एक भारतीय सांसद की तरह नहीं, बल्कि किसी विदेशी एजेंट की तरह प्रतीत होता है।

सीएम सरमा के तीखे प्रहार:

राष्ट्रवाद बनाम तुष्टिकरण: हिमंत सरमा ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि गौरव गोगोई जैसे नेता केवल एक खास वर्ग को खुश करने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा और गरिमा से समझौता कर रहे हैं।

विदेशी कनेक्शन के आरोप: मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि गोगोई के अंतरराष्ट्रीय संपर्क और उनके बयान भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने की एक बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकते हैं।

असम की अस्मिता: सरमा ने इसे असम की पहचान से जोड़ते हुए कहा कि राज्य की जनता ऐसे 'एजेंटों' को पहचानती है जो देश के बाहर के हितों को प्राथमिकता देते हैं।

गौरव गोगोई का पलटवार हालांकि गौरव गोगोई ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है, लेकिन हिमंत सरमा के इस 'एजेंट' वाले ठप्पे ने असम की राजनीति में हलचल मचा दी है। कांग्रेस समर्थकों का कहना है कि मुख्यमंत्री असल मुद्दों (जैसे बेरोजगारी और विकास) से ध्यान भटकाने के लिए 'पाकिस्तान' और 'देशभक्ति' का कार्ड खेल रहे हैं।

आगामी चुनावों पर असर? राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि हिमंत सरमा का यह आक्रामक रुख आने वाले चुनावों में ध्रुवीकरण को तेज कर सकता है। बीजेपी इस मुद्दे को भुनाकर खुद को कट्टर राष्ट्रवादी और कांग्रेस को 'संदिग्ध' विचारधारा वाली पार्टी के रूप में पेश करने की कोशिश कर रही है।