Ice Dip Therapy : क्या आप भी मुंहासों और पिंपल्स से हैं परेशान? आजमाएं आइस डिप थेरेपी घर बैठे मिलेगा पार्लर जैसा ग्लो

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News India Live, Digital Desk: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी, प्रदूषण और अनहेल्दी खान-पान का सीधा असर हमारे चेहरे पर दिखता है। मुंहासे, सूजन और ऑयली स्किन आज के युवाओं की सबसे बड़ी समस्या बन गई है। ऐसे में 'आइस डिप थेरेपी' (Ice Dip Therapy) एक जादुई नुस्खे की तरह काम कर रही है। बॉलीवुड अभिनेत्रियों से लेकर ग्लोबल मॉडल्स तक, अपनी स्किन को फ्रेश और टाइट रखने के लिए इस थेरेपी का सहारा लेती हैं।

क्या है आइस डिप थेरेपी? (What is Ice Dip Therapy?)

यह एक बहुत ही सरल प्रक्रिया है जिसमें एक बड़े कटोरे में ठंडा पानी और बर्फ के टुकड़े डाले जाते हैं और चेहरे को कुछ सेकंड के लिए उसमें डुबोया जाता है। इसे 'फेस आइसिंग' भी कहा जाता है। यह थेरेपी न केवल त्वचा को ठंडक देती है, बल्कि अंदरूनी सूजन को कम करने में भी मदद करती है।

पिंपल्स और स्किन के लिए इसके जबरदस्त फायदे

आइस डिप थेरेपी आपकी त्वचा पर कई तरह से सकारात्मक प्रभाव डालती है:

फायदावैज्ञानिक कारण
मुंहासों में कमीबर्फ त्वचा के तेल (Sebum) उत्पादन को कम करती है, जिससे पिंपल्स कम होते हैं।
सूजन और रेडनेसठंडे पानी से ब्लड वेसल्स सिकुड़ती हैं, जिससे चेहरे की पफनेस और लाली तुरंत कम होती है।
पोर्स का टाइट होनायह खुले हुए रोमछिद्रों (Open Pores) को छोटा करती है, जिससे धूल-मिट्टी अंदर नहीं जा पाती।
नेचुरल ग्लोचेहरे पर रक्त का संचार (Blood Circulation) बढ़ता है, जिससे स्किन चमकने लगती है।

इस्तेमाल करने का सही तरीका (Step-by-Step Guide)

अगर आप पहली बार इसे आज़मा रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:

तैयारी: एक साफ बाउल लें और उसमें आधा पानी और ढेर सारे बर्फ के टुकड़े डालें।

क्लींजिंग: चेहरा डुबोने से पहले माइल्ड फेस वॉश से स्किन को साफ कर लें।

डिप करें: अपनी सांस रोकें और चेहरे को 5 से 10 सेकंड के लिए बर्फ वाले पानी में डुबोएं।

रिपीट: इस प्रक्रिया को 3-4 बार दोहराएं।

मॉइस्चराइज: चेहरे को थपथपाकर सुखाएं और हल्का मॉइस्चराइजर या सीरम लगाएं।

 सावधानी भी है जरूरी!

भले ही यह थेरेपी फायदेमंद है, लेकिन संवेदनशील (Sensitive Skin) या बहुत ड्राई स्किन वालों को सावधानी बरतनी चाहिए।

सीधे बर्फ को चेहरे पर रगड़ने के बजाय पानी का उपयोग करना बेहतर है।

अगर आपको साइनसाइटिस या सर्दी-जुकाम की समस्या है, तो इसे नजरअंदाज करें।

इसे दिन में केवल एक बार (अधिमानतः सुबह) करना ही पर्याप्त है।

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