वोटर लिस्ट से कहीं कट तो नहीं गया आपका नाम? UP में करोड़ों नाम हटे, ऐसे तुरंत चेक करें स्टेटस
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में इन दिनों मतदाता सूची में बड़े स्तर पर संशोधन का काम चल रहा है, जिसके चलते लाखों लोग परेशान हैं। विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) अभियान के दौरान करीब 2.89 करोड़ पुराने, डुप्लीकेट या गलत पते वाले नाम हटा दिए गए हैं। ऐसे में जब लोग चुनाव आयोग द्वारा जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में अपना नाम खोज रहे हैं, तो वह नहीं मिल रहा है, जिससे उनमें घबराहट का माहौल है।
हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि यह अंतिम सूची नहीं है, बल्कि एक ड्राफ्ट है। इसे दावों और आपत्तियों के निस्तारण के बाद ही अंतिम रूप दिया जाएगा।
क्यों गायब हो रहे हैं लिस्ट से नाम?
ड्राफ्ट लिस्ट से नाम गायब होने का मतलब यह नहीं है कि आपका वोट देने का अधिकार खत्म हो गया है। चुनाव आयोग की इस कवायद का मकसद सूची को त्रुटिरहित बनाना है। कई बार पता बदलने, दस्तावेजों में गलती, एक से ज्यादा जगह नाम होने या डेटा वेरिफिकेशन प्रक्रिया के दौरान सही मतदाताओं के नाम भी गलती से हट सकते हैं। इसी समस्या को दूर करने के लिए चुनाव आयोग ने 6 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक दावा और आपत्ति दर्ज कराने का मौका दिया है।
लिस्ट में कैसे चेक करें अपना नाम?
यह जानना बेहद जरूरी है कि हाल ही में जारी हुई सूची सिर्फ एक ड्राफ्ट है, फाइनल वोटर लिस्ट नहीं। अपना नाम जांचने के लिए इन स्टेप्स को फॉलो करें:
- ऑनलाइन पोर्टल पर जाएं: चुनाव आयोग के आधिकारिक वोटर सर्विस पोर्टल (voters.eci.gov.in) पर जाएं।
- नाम सर्च करें: आप दो तरीकों से अपना नाम खोज सकते हैं। पहला, अपने वोटर आईडी कार्ड पर लिखे EPIC नंबर से और दूसरा, अपना नाम, जिला और विधानसभा क्षेत्र जैसी जानकारी भरकर।
- मोबाइल ऐप का उपयोग करें: वोटर हेल्पलाइन ऐप के जरिए भी आप आसानी से अपना स्टेटस चेक कर सकते हैं।
अगर इन तरीकों से आपका नाम लिस्ट में नहीं मिलता है, तो आपको इसे दोबारा जुड़वाने के लिए आवेदन करना होगा।
अगर नाम हो गया है गायब तो क्या करें?
अगर आपका नाम ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं है, तो घबराने की बजाय तुरंत सही प्रक्रिया अपनाएं।
- फॉर्म 6 भरें: जिन लोगों का नाम कट गया है या जो पहली बार मतदाता बने हैं, वे फॉर्म 6 भरकर नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
- सुधार के लिए आवेदन करें: अगर आपके नाम की स्पेलिंग, पता या अन्य विवरण में कोई गलती है, तो उसे ठीक कराने के लिए संबंधित फॉर्म भरें।
- आपत्ति दर्ज कराएं: अगर आपको लगता है कि किसी का नाम गलत तरीके से जोड़ा या हटाया गया है, तो आप उस पर अपनी आपत्ति भी दर्ज करा सकते हैं।
यह सभी फॉर्म ऑनलाइन पोर्टल पर या अपने क्षेत्र के बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के पास ऑफलाइन जमा किए जा सकते हैं।
किन दस्तावेजों की पड़ेगी जरूरत?
नाम जुड़वाने या सुधार के लिए आपको पहचान पत्र और पते का प्रमाण देना होगा। इसके लिए आप आधार कार्ड, पुराना वोटर आईडी कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, बिजली या पानी का बिल, या सरकार द्वारा जारी कोई अन्य पहचान पत्र इस्तेमाल कर सकते हैं।
समय पर एक्शन लेना क्यों है जरूरी?
उत्तर प्रदेश में 6 फरवरी 2026 तक मिले दावों और आपत्तियों के आधार पर ही 6 मार्च 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। एक बार फाइनल लिस्ट जारी होने के बाद नाम जुड़वाने में मुश्किल हो सकती है। इसलिए, अगर आप उत्तर प्रदेश के नागरिक हैं, तो आज ही ड्राफ्ट सूची में अपना नाम जांच लें और कोई कमी होने पर तुरंत सुधार कराएं ताकि आप अपने मतदान के अधिकार का प्रयोग कर सकें।