मेरठ से प्रयागराज अब 6 घंटे में! गंगा एक्सप्रेसवे का टोल रेट हुआ जारी, जानिए कार से सफर करने पर जेब पर कितना पड़ेगा बोझ
Ganga Expressway toll rate : उत्तर प्रदेश के विकास को नई रफ्तार देने वाला गंगा एक्सप्रेसवे अब हकीकत बनने जा रहा है। मेरठ को प्रयागराज से जोड़ने वाला यह 594 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे फरवरी 2026 से आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा, जो 12 घंटे के लंबे और थकाऊ सफर को महज 6 से 7 घंटे में समेट देगा। सफर छोटा होने की खुशी के साथ ही लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल टोल टैक्स को लेकर है। सरकार ने अब इस एक्सप्रेसवे पर लगने वाले टोल की दरों को भी अंतिम रूप दे दिया है। तो आइए जानते हैं कि इस सुपरफास्ट सफर के लिए आपको अपनी जेब कितनी ढीली करनी पड़ेगी।
किस गाड़ी का कितना टोल? देखें पूरी रेट लिस्ट
गंगा एक्सप्रेसवे पर टोल की गणना प्रति किलोमीटर के हिसाब से की जाएगी और भुगतान फास्टैग के जरिए होगा। अलग-अलग वाहनों के लिए दरें अलग-अलग निर्धारित की गई हैं, जो इस प्रकार हैं:
- कार, जीप, या वैन: ₹2.55 प्रति किलोमीटर
- हल्के कमर्शियल वाहन: ₹4.25 प्रति किलोमीटर
- बस और ट्रक: ₹8.15 प्रति किलोमीटर
- भारी निर्माण मशीनें और ओवरसाइज वाहन: ₹16.05 प्रति किलोमीटर
ये दरें दिखाती हैं कि निजी और छोटे वाहन मालिकों के लिए यह सफर काफी किफायती साबित हो सकता है, जबकि भारी और कमर्शियल वाहनों को ज्यादा टोल चुकाना होगा।
मेरठ से प्रयागराज तक का पूरा हिसाब-किताब
अगर आप इस एक्सप्रेसवे पर मेरठ से प्रयागराज तक का पूरा 594 किलोमीटर का सफर तय करते हैं, तो आपकी गाड़ी के हिसाब से एक तरफ का अनुमानित टोल खर्च इस तरह होगा:
- कार/जीप/वैन: लगभग ₹1,515
- हल्का कमर्शियल वाहन: लगभग ₹2,525
- बस/ट्रक: लगभग ₹4,841
- ओवरसाइज ट्रक: लगभग ₹9,534
यह खर्च सिर्फ एक तरफ का है। जो लोग रोजाना इस रूट पर यात्रा करेंगे, उनके लिए मासिक पास की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उन्हें काफी राहत मिलेगी।
पुराने रास्तों के मुकाबले कितना सस्ता या महंगा?
पहली नजर में कार के लिए ₹1500 का टोल ज्यादा लग सकता है, लेकिन जब इसकी तुलना पुराने रास्तों से करते हैं तो तस्वीर बदल जाती है। पुराने नेशनल हाईवे से यह सफर 12 घंटे से ज्यादा का है, जिसमें दर्जनों ट्रैफिक जाम और कई अलग-अलग टोल प्लाजा पड़ते हैं। इससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी होती है। वहीं, यमुना एक्सप्रेसवे पर कार का टोल करीब 2.95 रुपये प्रति किमी है, जो गंगा एक्सप्रेसवे से महंगा है। गंगा एक्सप्रेसवे पर 120 किमी/घंटा की रफ्तार से बिना रुके सफर करने पर ईंधन की जो बचत होगी, उससे टोल का खर्च काफी हद तक बराबर हो जाएगा। व्यापारियों के लिए यह एक्सप्रेसवे किसी वरदान से कम नहीं है, क्योंकि उनका माल अब आधे समय में एक शहर से दूसरे शहर पहुंच जाएगा।
सिर्फ टोल ही नहीं, मिलेंगी ये शानदार सुविधाएं भी
यह एक्सप्रेसवे सिर्फ तेज रफ्तार ही नहीं, बल्कि सुरक्षित सफर का भी वादा करता है। उत्तर प्रदेश के 12 जिलों से होकर गुजरने वाला यह रास्ता व्यापार और पर्यटन के नए दरवाजे खोलेगा। पूरे एक्सप्रेसवे पर हाई-टेक कैमरे, रात में सफर के लिए चमकदार लाइटिंग और हर कुछ किलोमीटर पर इमरजेंसी सहायता की सुविधा होगी। सबसे बड़ी राहत यह है कि यहां बार-बार टोल बूथ पर रुकने का झंझट नहीं होगा, जिससे सफर आरामदायक बनेगा। हालांकि, यह सुनिश्चित कर लें कि आपकी गाड़ी पर फास्टैग लगा हो और उसमें पर्याप्त बैलेंस हो, क्योंकि बिना फास्टैग के यात्रा करना मुश्किल होगा।
कुल मिलाकर, गंगा एक्सप्रेसवे न केवल समय बचाने वाला है, बल्कि सही मायनों में यह उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए एक किफायती और सुविधाजनक विकल्प साबित होने वाला है।