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March 13 2026 06:37 am

झारखंड के गरीबों की मौज,अबुआ आवास योजना में बढ़ेगी घरों की संख्या और पैसा मंत्री का विधानसभा में बड़ा ऐलान

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News India Live, Digital Desk: झारखंड विधानसभा में बजट सत्र के दौरान ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने अबुआ आवास योजना को लेकर प्रदेशवासियों को बड़ी खुशखबरी दी है। उन्होंने सदन में बताया कि राज्य सरकार गरीबों को पक्की छत देने के संकल्प को और मजबूती से आगे बढ़ा रही है। आने वाले चरणों में योजना के तहत बनने वाले घरों का लक्ष्य और प्रति घर दी जाने वाली सहायता राशि, दोनों में बढ़ोतरी की जाएगी।

बजट और नया लक्ष्य: मंत्री ने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अबुआ आवास योजना के मद में 4,400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

घरों की संख्या: इस साल लगभग 4,44,257 नए आवासों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का कुल लक्ष्य 20 लाख आवास बनाने का है।

बढ़ सकती है राशि: वर्तमान में लाभार्थियों को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है, जिसे भविष्य में बढ़ाने का प्रस्ताव है। इसके अतिरिक्त, मनरेगा के तहत 95 दिनों की मजदूरी (लगभग 24,000+ रुपये) अलग से मिलती है।

किसे मिलेगी प्राथमिकता? मंत्री ने स्पष्ट किया कि जिन लाभुकों के घर मिट्टी के (Kutcha Houses) हैं, उन्हें चयन प्रक्रिया में सबसे पहले प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा, जो परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के लाभ से वंचित रह गए थे, उन्हें इस योजना का सीधा लाभ मिल रहा है।

योजना की मुख्य विशेषताएं:

3 कमरों का घर: इस योजना के तहत 31 वर्ग मीटर में 3 कमरे, रसोई और शौचालय वाला पक्का मकान दिया जाता है।

5 किस्तों में भुगतान: 2 लाख रुपये की राशि 5 अलग-अलग चरणों (नींव से लेकर फिनिशिंग तक) में सीधे बैंक खाते में (DBT) भेजी जाती है।

जियो-टैगिंग: भ्रष्टाचार रोकने के लिए अब प्रत्येक आवास की जियो-टैगिंग अनिवार्य कर दी गई है।

मंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार से सहयोग राशि बढ़ाने की मांग लगातार की जा रही है, ताकि राज्य के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी बेहतर आवास मिल सके।