नई शुरुआत के साथ पाएं मानसिक शांति, 1 जनवरी को गुरु प्रदोष का दुर्लभ संयोग, न चूकें ये मौका

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News India Live, Digital Desk: नए साल की पहली धूप खिड़की से झाँक रही है, और चारों तरफ खुशियों का माहौल है। हम सब चाहते हैं कि पिछला साल जैसा भी बीता हो, 2026 हमारे लिए सुख और समृद्धि लेकर आए। इस बार 1 जनवरी को गुरुवार है, और जब गुरुवार के दिन प्रदोष तिथि पड़ती है, तो इसे 'गुरु प्रदोष व्रत' (Guru Pradosh Vrat 2026) कहा जाता है।

गुरु प्रदोष का अर्थ ही है ज्ञान और शक्ति का मिलन। शिवजी के साथ-साथ भगवान विष्णु की कृपा पाने का इससे बेहतर मौका और क्या होगा? आइए जानते हैं आज के दिन हम घर पर क्या कुछ सरल कर सकते हैं:

1. मानसिक शांति के लिए विशेष पूजा
आजकल की भागदौड़ वाली लाइफ में सबसे कीमती चीज़ है 'मानसिक शांति'। अगर आपका मन अशांत रहता है या आप बहुत ज्यादा सोचते हैं, तो आज प्रदोष काल (शाम के समय) में शिवजी के सामने गाय के घी का एक दीपक जलाएं। शांति से बैठकर 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करना आपके दिमाग के भारीपन को कम कर देगा। विश्वास मानिए, इस सरल से काम में जो शक्ति है, वो आपको अंदर से मजबूत बनाएगी।

2. कर्ज और परेशानियों से मुक्ति का रास्ता
अगर पुराने साल की कोई टेंशन या आर्थिक समस्या अभी भी आपका पीछा कर रही है, तो गुरु प्रदोष के दिन उत्तर दिशा की ओर मुख करके भगवान शिव को पंचामृत से स्नान कराएं। चूंकि आज गुरुवार है, इसलिए उन्हें सफेद चंदन या पीला तिलक लगाना बहुत ही शुभ फल देता है। कहते हैं कि प्रदोष के समय शिवजी अपने नंदी पर सवार होकर कैलाश पर्वत पर नाचते हैं, और उस वक्त जो भी सच्चे मन से दुआ मांगता है, वह खाली हाथ नहीं लौटता।

3. घर में सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy)
2026 की शुरुआत है, तो क्यों न घर के हर कोने को पॉजिटिव एनर्जी से भर दिया जाए? आज अपने घर के मंदिर में गंगाजल छिड़कें और शाम के समय एक कपूर जलाकर पूरे घर में उसकी सुगंध फैलाएं। इससे घर का वातावरण तो सुधरेगा ही, साथ ही परिवार के सदस्यों के बीच चल रहे आपसी मतभेद भी कम होने लगेंगे।

एक छोटी सी सलाह:
पूजा-पाठ केवल दिखावा नहीं है, बल्कि अपनी आत्मा से जुड़ने का एक तरीका है। अगर आप व्रत नहीं रख सकते, तो कोई बात नहीं। आज के दिन सिर्फ झूठ बोलने और गुस्सा करने से बचें—यही सबसे बड़ा पुण्य है।