Ranchi Rail Update : रांची स्टेशन बनेगा स्मार्ट, हटिया यार्ड का होगा कायाकल्प अमृत भारत योजना के तहत रेलवे ने जारी किए करोड़ों रुपये;
News India Live, Digital Desk : रांची रेल मंडल अब आधुनिकता की नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है। केंद्र सरकार ने रांची रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास और हटिया यार्ड की रिमॉडलिंग (Remodeling) के लिए अपनी हरी झंडी दे दी है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद न केवल ट्रेनों के परिचालन में आसानी होगी, बल्कि यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं भी मिलेंगी।
1. रांची स्टेशन का पुनर्विकास: एयरपोर्ट जैसा अहसास
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रांची स्टेशन को 'सिटी सेंटर' के रूप में विकसित किया जा रहा है:
विशाल रूफ प्लाजा (Roof Plaza): यात्रियों के लिए स्टेशन पर ही खान-पान और खरीदारी के लिए एक विशाल रूफ प्लाजा बनाया जाएगा।
मल्टी-लेवल पार्किंग: स्टेशन परिसर में वाहनों के जाम से मुक्ति के लिए मल्टी-लेवल कार पार्किंग की सुविधा होगी।
स्मार्ट विजिबिलिटी: दोनों तरफ से स्टेशन में प्रवेश के लिए नए द्वार और आकर्षक बिल्डिंग का निर्माण किया जाएगा।
2. हटिया यार्ड रिमॉडलिंग: ट्रेनों की रफ्तार और संख्या बढ़ेगी
हटिया यार्ड की रिमॉडलिंग इस प्रोजेक्ट का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। वर्तमान में प्लेटफॉर्म की कमी और पुरानी यार्ड लाइनों के कारण कई ट्रेनों को आउटर पर रुकना पड़ता है।
नई लाइनें और प्लेटफॉर्म: यार्ड की रिमॉडलिंग से ट्रेनों के रखरखाव (Maintenance) की क्षमता बढ़ेगी।
बेहतर कनेक्टिविटी: रिमॉडलिंग के बाद रांची और हटिया से लंबी दूरी की नई ट्रेनें चलाने का रास्ता साफ हो जाएगा।
ऑटोमैटिक सिग्नलिंग: ट्रेनों के सुरक्षित और तेज आवागमन के लिए अत्याधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम लगाया जाएगा।
3. बजट और समय सीमा (Budget & Timeline)
रेलवे ने इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए बजट का आवंटन कर दिया है:
कुल निवेश: रांची और हटिया के विकास पर लगभग ₹450 करोड़ से अधिक खर्च किए जाने का अनुमान है।
लक्ष्य: इस पुनर्विकास कार्य को वर्ष 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
यात्रियों को मिलने वाले मुख्य लाभ
लिफ्ट और एस्केलेटर: स्टेशन के सभी प्लेटफॉर्म पर सुगम आवाजाही के लिए आधुनिक लिफ्ट और एस्केलेटर लगाए जाएंगे।
फ्री वाई-फाई और लाउंज: यात्रियों के लिए हाई-स्पीड इंटरनेट और प्रीमियम वेटिंग लाउंज की सुविधा मिलेगी।
दिव्यांग अनुकूल: पूरे स्टेशन परिसर को 'दिव्यांग मित्र' मानकों के अनुरूप डिजाइन किया जाएगा।