चीन की घुसपैठ पर लोकसभा में महा-संग्राम अशोक गहलोत का मोदी सरकार पर बड़ा हमला

Post

News India Live, Digital Desk : संसद के बजट सत्र के दौरान भारत-चीन सीमा विवाद का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। लोकसभा में विपक्ष ने चीन द्वारा भारतीय क्षेत्र में कथित घुसपैठ को लेकर जोरदार हंगामा किया, जिससे सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई। इस बीच, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक गहलोत ने केंद्र की भाजपा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

1. गहलोत का प्रहार: "लाल आंख कहाँ गई?"

अशोक गहलोत ने अपने हालिया बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुराने बयानों की याद दिलाते हुए सरकार की विदेश नीति पर कटाक्ष किया।

चुप्पी पर सवाल: गहलोत ने कहा कि जब चीन हमारी सीमाओं के पास गांव बसा रहा है और रणनीतिक पुल बना रहा है, तब केंद्र सरकार संसद में चर्चा से क्यों भाग रही है?

पुराना वादा: पूर्व मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए पूछा कि वह 'लाल आंख' दिखाने का वादा अब कहां गया? विपक्ष चाहता है कि देश को सच्चाई का पता चले, लेकिन सरकार डेटा और तथ्यों को छिपा रही है।

2. लोकसभा में विपक्ष का 'हल्ला बोल'

लोकसभा में आज सुबह से ही विपक्ष के सांसदों ने 'चीन पर चर्चा' की मांग को लेकर वेल में आकर नारेबाजी की।

स्थगन प्रस्ताव: कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने सीमा की स्थिति पर विस्तृत चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव (Adjournment Motion) दिया था, जिसे स्पीकर ने अस्वीकार कर दिया।

सुरक्षा का मुद्दा: विपक्ष का आरोप है कि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ समझौता कर रही है और देश की अखंडता को लेकर गंभीर नहीं है।

3. भाजपा का पलटवार: "सेना पर भरोसा रखें"

विपक्ष के हमलों का जवाब देते हुए सरकार और भाजपा नेताओं ने कहा कि भारतीय सेना सीमाओं की रक्षा करने में पूरी तरह सक्षम है।

मजबूत नेतृत्व: रक्षा मंत्री और भाजपा प्रवक्ताओं ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में सीमाओं पर बुनियादी ढांचा (Infrastructure) अभूतपूर्व गति से विकसित हुआ है।

नेहरू काल की याद: भाजपा ने पलटवार करते हुए कांग्रेस को 1962 की याद दिलाई और आरोप लगाया कि विपक्ष सेना के मनोबल को तोड़ने का काम कर रहा है।

4. रक्षा विशेषज्ञों की राय और ग्राउंड रिपोर्ट

हालिया सैटेलाइट तस्वीरों और रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास अपनी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत कर रहा है। इसी मुद्दे को लेकर विपक्षी दल संसद के अंदर और बाहर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहे हैं।