Sojat Drug Raid: परचून की दुकान के पीछे चल रही थी मौत की फैक्ट्री ₹5 करोड़ की ड्रग्स के साथ 2 गिरफ्तार
News India Live, Digital Desk : राजस्थान के पाली जिले के सोजत इलाके में पुलिस ने नशे के सौदागरों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। एक साधारण सी दिखने वाली किराने की दुकान के पीछे चल रहे काले कारोबार का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने भारी मात्रा में सिंथेटिक ड्रग्स और उसे बनाने वाले उपकरण बरामद किए हैं। इस कार्रवाई ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।
1. किराने के सामान की आड़ में 'ड्रग लैब'
नशा तस्करों ने पुलिस की नजरों से बचने के लिए एक शातिर तरीका अपनाया था। आगे की तरफ आम परचून का सामान बेचा जाता था, जबकि दुकान के पीछे के गुप्त हिस्से में ड्रग्स बनाने की अत्याधुनिक लैब तैयार की गई थी।
बरामदगी: छापेमारी में एमडी (MD) और अन्य प्रतिबंधित नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत ₹5 करोड़ आंकी गई है।
कच्चा माल: ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाला भारी मात्रा में केमिकल और प्रीकर्सर भी पुलिस के हत्थे चढ़ा है।
2. कैसे हुआ इस 'हाई-प्रोफाइल' रैकेट का पर्दाफाश?
पुलिस को काफी समय से इलाके में नशीले पदार्थों की बढ़ती सप्लाई की सूचना मिल रही थी।
मुखबिर की सूचना: सटीक इनपुट मिलने के बाद पुलिस ने घेराबंदी की और अचानक दुकान पर धावा बोल दिया।
गिरफ्तारी: मौके से दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि यह माल केवल राजस्थान ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों में भी सप्लाई किया जाना था।
3. सिंथेटिक ड्रग्स का बढ़ता जाल और सेहत पर खतरा
सिंथेटिक ड्रग्स जैसे MDMA या मेफेड्रोन (Mephedrone) का निर्माण लैब में रसायनों के जरिए किया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक हैं।
नुकसान: ये ड्रग्स सीधे सेंट्रल नर्वस सिस्टम पर हमला करते हैं और थोड़े ही समय में व्यक्ति को पूरी तरह अपना गुलाम बना लेते हैं।
प्रशासन की चेतावनी: "नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस"
एसपी (SP) पाली ने बताया कि इस गिरोह के तार अंतरराज्यीय ड्रग तस्करों से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस लैब के लिए कच्चा माल कहाँ से आता था और इसके मुख्य खरीददार कौन थे। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो तुरंत सूचित करें।