ट्रंप की वापसी का डर क्या सैमसंग और हुंडई पर लगेगा 25% का ट्रंप टैक्स'?
News India Live, Digital Desk: अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव की सरगर्मी तेज हो गई है और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने बयानों से एक बार फिर दुनिया भर की कंपनियों की धड़कनें बढ़ा रहे हैं। इस बार उनके निशाने पर है दक्षिण कोरिया और वहां की बड़ी-बड़ी कंपनियां जैसे सैमसंग, हुंडई और एलजी।
ट्रंप ने एक इंटरव्यू में साफ-साफ धमकी दी है कि अगर वह 2024 का चुनाव जीतकर वापस सत्ता में आए, तो दक्षिण कोरिया से अमेरिका आने वाले सभी सामानों पर 25% का भारी-भरकम टैक्स (टैरिफ) लगा देंगे।
आखिर ट्रंप दक्षिण कोरिया से इतना नाराज़ क्यों हैं?
इसकी वजह है अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच हुआ एक मुक्त व्यापार समझौता (Free Trade Agreement)। ट्रंप का मानना है कि यह समझौता पूरी तरह से एकतरफा है और इससे सिर्फ दक्षिण कोरिया को फायदा हो रहा है, जबकि अमेरिका को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
उनकी दलील सीधी और साफ है:
- "अमेरिका को ठगा जा रहा है": उनका आरोप है कि दक्षिण कोरिया की कंपनियां अमेरिका में आकर नौकरियां और पैसा तो कमा रही हैं, लेकिन बदले में अमेरिका को कुछ नहीं मिल रहा। वह इसे अपनी 'अमेरिका फर्स्ट' नीति के खिलाफ मानते हैं।
इसका आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?
अगर ट्रंप वाकई ऐसा करते हैं, तो इसका सीधा असर उन करोड़ों लोगों पर पड़ेगा जो सैमसंग के फोन, एलजी के टीवी-फ्रिज या हुंडई की कारें खरीदते हैं। 25% टैक्स लगने का मतलब है कि अमेरिका में इन सभी चीज़ों की कीमतें अचानक से बहुत बढ़ जाएंगी।
यह सिर्फ ग्राहकों के लिए ही नहीं, बल्कि खुद इन कंपनियों के लिए भी एक बहुत बड़ा झटका होगा, क्योंकि अमेरिका उनके सबसे बड़े बाजारों में से एक है। हुंडई और सैमसंग जैसी कंपनियों ने अमेरिका में अरबों डॉलर का निवेश कर रखा है और वहां ফ্যাক্টরियां भी लगाई हैं।
क्या यह सिर्फ एक चुनावी धमकी है?
कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह ट्रंप का पुराना तरीका है। वह चुनाव से पहले ऐसे बड़े-बड़े बयान देकर अपने वोटर्स को यह संदेश देना चाहते हैं कि वह अमेरिका के हितों के लिए किसी भी देश से टकराने को तैयार हैं। राष्ट्रपति रहते हुए भी उन्होंने चीन समेत कई देशों पर इसी तरह का ट्रेड वॉर छेड़ा था।
हालांकि, इसे सिर्फ धमकी मानकर नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। अगर ट्रंप दोबारा राष्ट्रपति बनते हैं, तो यह वैश्विक व्यापार के लिए एक बड़े भूचाल की शुरुआत हो सकती है, जिसका असर दुनिया के हर कोने पर पड़ेगा।