दिल्ली विधानसभा का कड़ा रुख ,पंजाब के इन तीन बड़े अफसरों को क्यों मिला नोटिस?

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News India Live, Digital Desk: कहते हैं कि राजनीति में कब किसका रुख किस ओर मुड़ जाए, कहा नहीं जा सकता। अब नया मामला दिल्ली और पंजाब के बीच खड़ा होता दिख रहा है। हाल ही में एक ऐसी खबर आई जिसने दोनों राज्यों के प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है। खबर ये है कि दिल्ली विधानसभा ने पंजाब पुलिस के तीन बहुत बड़े और रसूखदार अधिकारियों को एक नोटिस थमा दिया है।

आखिर बात यहाँ तक पहुँची कैसे?
अब आपके मन में सवाल उठ रहा होगा कि पंजाब पुलिस और दिल्ली विधानसभा का क्या लेना-देना? दरअसल, ये मामला विधानसभा की 'विशेषाधिकार समिति' (Privileges Committee) या किसी विशेष जाँच से जुड़ा हो सकता है। जब भी किसी सदस्य के सम्मान या सदन की गरिमा को ठेस पहुँचती है, तो विधानसभा के पास यह अधिकार होता है कि वह जवाबदेह अफसरों को तलब करे। हैरान करने वाली बात यह है कि ये नोटिस उन अधिकारियों को गया है जिनके पास पूरे प्रदेश की कानून-व्यवस्था की बागडोर है।

अफसरों की बढ़ी धड़कनें...
सूत्रों की मानें तो इन अफसरों को साफ़ निर्देश दिए गए हैं कि वे नियत समय पर हाज़िर होकर अपनी सफ़ाई पेश करें। अक्सर हमने देखा है कि दो राज्यों की पुलिस के बीच तालमेल बिठाना चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन जब बात सीधे विधानसभा की मर्यादा पर आती है, तो कानूनी पेंच और भी ज़्यादा उलझ जाते हैं। 2026 के इस सियासी माहौल में जब जवाबदेही को लेकर हर कोई सजग है, ऐसे में पुलिस बनाम पावर की ये लड़ाई एक नया मोड़ ले सकती है।

अब आगे क्या होने वाला है?
नोटिस मिलना तो अभी सिर्फ शुरुआत है। अब सारा दारोमदार इस बात पर है कि पंजाब के ये आला अफसर दिल्ली के सवालों का क्या जवाब देते हैं। पते की बात यह है कि पंजाब और दिल्ली में तालमेल की चर्चा हमेशा रहती है, पर ऐसी औपचारिक 'तलब' कुछ और ही इशारा कर रही है। क्या इसके पीछे कोई पुरानी फाइल खुली है या हालिया किसी कार्रवाई को लेकर नाराजगी है? ये तो वक्त ही बताएगा।

खैर, इतना तो तय है कि इस नोटिस के बाद पंजाब के पुलिस हेडक्वार्टर में फ़ाइलों को खंगालना शुरू हो चुका होगा। आखिर सदन का बुलावा है, इसे हलके में नहीं लिया जा सकता। अब देखना दिलचस्प होगा कि ये तीनों अफसर कब पेश होते हैं और इस गहमागहमी का नतीजा क्या निकलता है।