लंदन में पाकिस्तानी आर्मी के बागियों पर जानलेवा हमले ,अब स्कॉटलैंड यार्ड करेगी बड़े राजफाश?
News India Live, Digital Desk: आमतौर पर माना जाता है कि अगर कोई पत्रकार या एक्टिविस्ट अपने देश की सरकार या सिस्टम से डरकर विदेश चला जाए, तो वह वहां सुरक्षित रहेगा। लेकिन पाकिस्तान के संदर्भ में शायद यह बात सच साबित नहीं हो रही है। ब्रिटेन की राजधानी लंदन, जो अपनी आजादी और सुरक्षा के लिए जानी जाती है, वहां आजकल पाकिस्तानी सेना (खासकर जनरल असीम मुनीर) के विरोधियों की जान पर बन आई है।
यही वजह है कि दुनिया की मशहूर जांच एजेंसी 'स्कॉटलैंड यार्ड' को अब मैदान में उतरना पड़ा है। खबर है कि वे लंदन में रह रहे उन पाकिस्तानियों पर हो रहे हमलों की बारीकी से जांच कर रहे हैं, जो खुलकर पाकिस्तानी व्यवस्था के खिलाफ बोलते हैं।
आख़िर क्या है ये पूरा मामला?
पिछले कुछ समय से लंदन की गलियों में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जहाँ पाकिस्तानी सेना और आईएसआई (ISI) के आलोचकों को डराने-धमकाने और उन पर शारीरिक हमले करने की कोशिश की गई। पीड़ितों का आरोप है कि उन्हें इसलिए निशाना बनाया जा रहा है ताकि वे पाकिस्तान के हालातों और वहां की मिलिट्री लीडरशिप के खिलाफ चुप हो जाएं।
अब लंदन पुलिस यानी स्कॉटलैंड यार्ड इन हमलों के पीछे के 'मास्टरमाइंड' को खोजने में जुट गई है। सवाल यह है कि क्या ये हमले सिर्फ स्थानीय रंजिश हैं या फिर इसके पीछे किसी विदेशी खुफिया एजेंसी का हाथ है?
सोशल मीडिया और बढ़ता तनाव
यह लड़ाई सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं है। ट्विटर (X) और यूट्यूब पर जो भी पाकिस्तानी एक्टिविस्ट सेना की आलोचना कर रहे हैं, उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियाँ दी जा रही हैं। ब्रिटेन के कई सांसदों ने भी इस पर चिंता जताई है कि किसी विदेशी ताक़त को अपने देश की जमीन पर इस तरह की 'दादागिरी' नहीं करने दी जाएगी।
क्या मुनीर और सेना के लिए बढ़ेगी मुश्किल?
अगर स्कॉटलैंड यार्ड की जांच में यह साबित हो जाता है कि इन हमलों के तार सीधे पाकिस्तान से जुड़े हैं, तो यह एक बहुत बड़ा कूटनीतिक विवाद बन सकता है। इससे पहले भी ब्रिटेन और पाकिस्तान के बीच 'अभिव्यक्ति की आजादी' को लेकर तनाव रहा है, लेकिन सीधे तौर पर हमलों की जांच पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय छवि को बड़ा झटका दे सकती है।
साफ़ है कि मामला सिर्फ चंद हमलों का नहीं है, बल्कि उस डर का है जिसे सात समंदर पार भी लोगों के दिलो-दिमाग में बैठाने की कोशिश की जा रही है। अब देखना यह है कि ब्रिटिश पुलिस की ये तफ्तीश किस बड़े खुलासे तक पहुँचती है।