संविधान हम भारत के लोग से शुरू होता है, भारत माता से नहीं ,सदाशिवपेट की रैली में ओवैसी का तीखा बयान
News India Live, Digital Desk: तेलंगाना के सदाशिवपेट में आयोजित एक सार्वजनिक रैली के दौरान हैदराबाद के सांसद असदउद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार और दक्षिणपंथी विचारधारा पर निशाना साधा। ओवैसी ने भारतीय संविधान की पवित्रता का हवाला देते हुए कहा कि देश की असल ताकत इसके संविधान में निहित है, जो बराबरी की बात करता है।
ओवैसी के भाषण की प्रमुख बातें (Key Highlights)
संविधान की प्रस्तावना का हवाला: ओवैसी ने कहा, "भारत का संविधान अंग्रेजी के शब्दों 'We the People of India' (हम भारत के लोग) से शुरू होता है। यह 'भारत माता की जय' से शुरू नहीं होता।" उन्होंने जोर दिया कि संविधान का यह पहला वाक्य ही भारत की विविधता और लोकतांत्रिक नींव को दर्शाता है।
पहचान की राजनीति पर सवाल: उन्होंने सत्ता पक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि जबरन किसी से कोई नारा लगवाना संविधान की भावना के खिलाफ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे संविधान के प्रति पूरी वफादारी रखते हैं, लेकिन किसी विशेष विचारधारा के नारों को उन पर थोपा नहीं जा सकता।
विविधता का सम्मान: रैली में ओवैसी ने कहा कि भारत एक ऐसा देश है जहां अलग-अलग धर्मों और संस्कृतियों के लोग साथ रहते हैं, और संविधान इन सभी को एक सूत्र में पिरोता है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और संदर्भ
ओवैसी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में 'इंडिया' बनाम 'भारत' और राष्ट्रवाद के नारों को लेकर बहस छिड़ी हुई है। भाजपा (BJP) अक्सर ओवैसी पर 'भारत माता की जय' न बोलने को लेकर निशाना साधती रही है। ओवैसी का यह तर्क उसी आलोचना का एक संवैधानिक जवाब माना जा रहा है।