बुखार और पेट की बीमारियों का काल है चित्रक, जानिए इस अनजान जड़ी-बूटी की ताकत

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News India Live, Digital Desk: हम भारतीयों की रसोई और आंगन में सेहत के इतने राज छिपे हैं कि कई बार हमें पता ही नहीं होता। आज हम जिस दौड़-भाग वाली जिंदगी में जी रहे हैं, वहां हल्का सा बुखार आते ही हम तुरंत अंग्रेजी दवाओं (Antibiotics) की तरफ भागते हैं। लेकिन आयुर्वेद में एक ऐसा पौधा है, जिसका नाम शायद आपने कम सुना हो, पर उसका काम बहुत 'जोरदार' है। इसका नाम है चित्रक (Chitrak)

इसे अंग्रेजी में Plumbago Zeylanica कहते हैं। पुराने वैद्य और हकीम इस जड़ी-बूटी को बुखार, पेट और जोड़ों के दर्द के लिए किसी वरदान से कम नहीं मानते थे। चलिए, आसान भाषा में समझते हैं कि यह आखिर क्या बला है और यह आपके किस काम आ सकती है।

बुखार को जड़ से तोड़ता है
कई बार ऐसा होता है कि बुखार आता है, ठीक होता है और फिर वापस आ जाता है (Chronic Fever)। या फिर शरीर अंदर ही अंदर तपता रहता है। आयुर्वेद मानता है कि चित्रक की तासीर गर्म होती है। जब इसका सेवन सही मात्रा में किया जाता है, तो यह शरीर से पसीना निकालकर बुखार को तोड़ने में मदद करता है। यह शरीर के विषैले पदार्थों (Toxins) को बाहर फेंकता है, जिससे आप हल्का महसूस करते हैं।

मरी हुई भूख को वापस जगाए
अक्सर बुखार में या लंबे समय तक बीमार रहने पर मुंह का स्वाद बिगड़ जाता है और कुछ भी खाने का मन नहीं करता। इसे हम 'अग्निमंद' कहते हैं यानी पाचन की आग बुझ जाना। चित्रक इसी 'पाचक अग्नि' (Digestive Fire) को दोबारा जलाने का काम करता है। इसे लेने के कुछ दिन बाद ही आपको खुलकर भूख लगने लगती है और खाया-पिया शरीर को लगने लगता है।

पाचन तंत्र का दोस्त
अगर आप उन लोगों में से हैं जिनका पेट हमेशा फूला रहता है, गैस बनती है या बवासीर (Piles) की शिकायत है, तो चित्रक आपके लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है। यह पेट की सफाई करता है और मेटाबॉलिज्म को इतना तेज कर देता है कि पाचन सुधरने लगता है।

इस्तेमाल कैसे करें? (सावधानी जरूरी है)
चित्रक कोई साधारण सब्जी नहीं, एक बहुत ही शक्तिशाली औषधि है।

  • आम तौर पर बाजार में इसका चूर्ण (Powder) या इसकी जड़ मिलती है।
  • इसे दूध, शहद या गुनगुने पानी के साथ बहुत ही कम मात्रा में लिया जाता है।

एक जरुरी सलाह (Disclaimer)
दोस्तों, चित्रक बहुत 'गर्म' और 'तीक्ष्ण' (Strong) होता है। इसे कभी भी अपनी मर्जी से ढ़ेर सारा न खाएं। खास तौर पर गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों को डॉक्टर या वैद्य से पूछे बिना यह बिल्कुल नहीं देना चाहिए। यह 'हर्बल' है, इसका मतलब यह नहीं कि इसके साइड इफेक्ट नहीं हो सकते।

तो अगली बार, अगर कोई पुरानी बीमारी या हल्का बुखार परेशान करे, तो अपने नजदीकी आयुर्वेद विशेषज्ञ से चित्रक के बारे में जरूर पूछें। हो सकता है, हल इसी पौधे में छिपा हो!