Chhattisgarh Rail News : बैकुंठ से उरकुरा के बीच बिछेगी चौथी रेल लाइन ,₹426 करोड़ के प्रोजेक्ट को केंद्र की हरी झंडी
News India Live, Digital Desk: रेल मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ के सबसे व्यस्त रेल खंडों में से एक, बैकुंठ और उरकुरा के बीच चौथी रेलवे लाइन के निर्माण को मंजूरी दे दी है। ₹426.01 करोड़ की अनुमानित लागत वाला यह प्रोजेक्ट दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे (SECR) के तहत आता है। इस नई लाइन के बन जाने से न केवल ट्रेनों की लेटलतीफी कम होगी, बल्कि माल ढुलाई में भी छत्तीसगढ़ को नई गति मिलेगी।
प्रोजेक्ट की मुख्य बातें (Key Highlights)
दूरी: बैकुंठ से उरकुरा के बीच कुल 26.40 किलोमीटर लंबी चौथी लाइन बिछाई जाएगी।
लागत: इस पूरी परियोजना पर केंद्र सरकार 426.01 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
रूट का महत्व: यह खंड बिलासपुर-रायपुर-नागपुर मुख्य लाइन का हिस्सा है, जो देश के सबसे व्यस्त मुंबई-हावड़ा हाई डेंसिटी कॉरिडोर के अंतर्गत आता है।
आम जनता और उद्योगों को क्या होगा फायदा?
| श्रेणी | लाभ का विवरण |
|---|---|
| यात्री ट्रेनें | अभी इस रूट पर क्षमता से अधिक (150% से ज्यादा) दबाव है। चौथी लाइन बनने से यात्री ट्रेनों की पंचुअलिटी (समयबद्धता) सुधरेगी और नई ट्रेनें चलाने का रास्ता साफ होगा। |
| माल ढुलाई | इस क्षेत्र में पावर प्लांट, कोयला खदानें, स्टील और सीमेंट प्लांट बड़ी संख्या में हैं। नई लाइन से लगभग 14.25 मिलियन टन (MTPA) अतिरिक्त माल ढुलाई संभव होगी। |
| आर्थिक लाभ | रेलवे को इस प्रोजेक्ट से पहले ही साल में लगभग ₹61.70 करोड़ की अतिरिक्त आय होने का अनुमान है। |
एनर्जी और सीमेंट कॉरिडोर का हिस्सा
इस कार्य को विशेष रूप से 'एनर्जी, सीमेंट और मिनरल कॉरिडोर' के तहत चिन्हित किया गया है। वर्तमान में यह सेक्शन अपनी पूर्ण क्षमता (Saturated Capacity) पर चल रहा है, जिससे मालगाड़ियों के कारण अक्सर एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों को आउटर पर खड़ा होना पड़ता है।
छत्तीसगढ़ का 'रेल नेटवर्क' होगा मजबूत
छत्तीसगढ़ देश में रेलवे को सबसे ज्यादा राजस्व देने वाले राज्यों में से एक है। बैकुंठ-उरकुरा के साथ-साथ हाल ही में हथबंध-बैकुंठ, दगोरी-निपानिया और दाधापारा-बिलासपुर के बीच भी चौथी लाइन के प्रस्तावों को गति दी गई है। यह विस्तार छत्तीसगढ़ को भारत के प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में और मजबूती प्रदान करेगा।