Chhattisgarh News : राशन की दुकानों पर अब नहीं होगी माथापच्ची ATM जैसा कार्ड लगाओ और अपना चावल-गेहूं ले जाओ
News India Live, Digital Desk : अगर आप भी राशन कार्ड (Ration Card) धारक हैं, तो आपको वो दर्द अच्छे से पता होगा राशन की दुकान पर लंबी लाइन लगाना, डीलर का इंतज़ार करना, और सबसे बड़ी दिक्कत वजन में गड़बड़ी। अक्सर शिकायत रहती है कि "भैया, किलो भर कम तौला है।"
लेकिन अब छत्तीसगढ़ सरकार ने इन सारी झिक-झिक को खत्म करने का एक शानदार तरीका निकाला है। अब आपका राशन कार्ड किसी बैंक के 'एटीएम कार्ड' (ATM Card) से कम नहीं होगा।
क्या है यह नई 'स्मार्ट' सुविधा?
रायपुर समेत छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में अब राशन वितरण प्रणाली को एकदम 'हाई-टेक' किया जा रहा है। इसे आसान भाषा में समझें तो सरकार ने 'ग्रेन एटीएम' (Grain ATM) या 'अन्नपूर्णा एटीएम' जैसा सिस्टम शुरू करने की तैयारी कर ली है।
जैसे आप बैंक के एटीएम में कार्ड डालते हैं और पैसा निकलता है, ठीक वैसे ही राशन की दुकान पर लगी मशीन में अपना कार्ड या अंगूठा स्कैन करना होगा, और नीचे से मशीन खुद-ब-खुद आपके हक का अनाज निकाल देगी।
इससे आम आदमी को क्या फायदा होगा?
- चोरी बंद: मशीन में कोई सेटिंग नहीं हो सकती। अगर आपका 35 किलो चावल का हक है, तो मशीन पूरा 35 किलो ही देगी, एक दाना भी कम नहीं।
- डीलर की निर्भरता खत्म: कई बार दुकानदार दुकान देर से खोलते हैं या कहते हैं "कल आना"। ऑटोमैटिक मशीनों से यह समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी।
- समय की बचत: घंटों लाइन में लगने की जरूरत नहीं। जाओ, स्कैन करो और 5 मिनट में राशन लेकर घर आ जाओ।
पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत
खबरों के मुताबिक, यह प्रयोग अभी राजधानी रायपुर और आसपास के शहरी इलाकों में शुरू किया जा रहा है। सरकार इसे 'स्मार्ट पीडीएस' (Smart PDS) योजना के तहत ला रही है। अगर यह प्रयोग सफल रहा (जो कि लग रहा है होगा), तो धीरे-धीरे इसे पूरे छत्तीसगढ़ के गांवों और कस्बों में लागू कर दिया जाएगा।
ईमानदारी का नया दौर
यह कदम गरीबों का हक मारने वालों के लिए किसी झटके से कम नहीं है। अब रजिस्टर में हेरा-फेरी नहीं हो पाएगी क्योंकि सब कुछ डिजिटल और ऑनलाइन होगा।
तो रायपुर वाले दोस्तों, अब झोला तैयार रखिये, क्योंकि अब राशन लेने के लिए कोटेदार की खुशामद नहीं, बस एक 'स्कैन' की जरूरत पड़ेगी। यह है बदलता छत्तीसगढ़!