Kashmir Raid : आतंकियों के मददगारों पर NIA का बड़ा प्रहार श्रीनगर, बारामूला और बांदीपोरा में छापेमारी

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News India Live, Digital Desk: जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी समूहों के पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) को जड़ से खत्म करने के लिए एनआईए ने आज सुबह से ही घाटी के कई ठिकानों पर तलाशी अभियान शुरू किया है। यह कार्रवाई श्रीनगर, बारामूला और बांदीपोरा जिलों में संदिग्धों के घरों और ठिकानों पर की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, यह छापेमारी नए भर्ती हुए ओवरग्राउंड वर्कर्स (OGWs) और सीमा पार से हो रही टेरर फंडिंग से जुड़े एक पुराने मामले के सिलसिले में है।

ऑपरेशन के मुख्य बिंदु (Key Highlights)

स्थान: छापेमारी श्रीनगर के पुराने शहर (Down Town), बारामूला के सोपोर इलाके और बांदीपोरा के कुछ ग्रामीण इलाकों में केंद्रित है।

उद्देश्य: इस ऑपरेशन का मुख्य मकसद हाइब्रिड आतंकियों और उनके मददगारों (Logistics Providers) के बीच के लिंक को तोड़ना है।

सुरक्षा व्यवस्था: किसी भी अप्रिय घटना या विरोध प्रदर्शन से निपटने के लिए स्थानीय पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की भारी तैनाती की गई है।

NIA की रडार पर कौन?

एनआईए की यह कार्रवाई हाल के महीनों में हुई कुछ लक्षित हत्याओं (Targeted Killings) और आतंकी साजिशों के इनपुट के आधार पर की जा रही है:

डिजिटल सबूत: छापेमारी के दौरान संदिग्धों के मोबाइल फोन, लैपटॉप, सिम कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स जब्त किए गए हैं।

संदिग्ध वित्तीय लेन-देन: कुछ ऐसे लोगों के घरों की तलाशी ली गई है जिनके बैंक खातों में संदिग्ध स्रोतों से पैसा आने का संदेह है।

हथियारों की तस्करी: सीमा पार से ड्रोन के जरिए भेजे जा रहे हथियारों की खेप पहुँचाने में मदद करने वाले संदिग्धों की भी पहचान की जा रही है।

[Image showing NIA officials and security forces cordoning off a residential street in Kashmir]

आतंकवाद के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस'

केंद्र सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत, जांच एजेंसियां अब केवल आतंकियों को ही नहीं, बल्कि उन्हें आश्रय और वित्तीय सहायता देने वाले पूरे नेटवर्क को निशाना बना रही हैं। पिछले कुछ हफ्तों में यह पांचवीं बड़ी कार्रवाई है, जो दर्शाती है कि सुरक्षा एजेंसियां घाटी में शांति बनाए रखने के लिए कितनी गंभीर हैं।