CM Vishnu Deo Sai : बस्तर की तस्वीर बदल रही है कभी गूंजती थीं गोलियां, अब वहां खुलेंगे फाइव स्टार होटल और रिसॉर्ट
News India Live, Digital Desk : हम छत्तीसगढ़िया लोग अक्सर शिकायत करते थे कि "हमारे यहाँ खदानें तो बहुत हैं, लेकिन विकास और बड़ी फैक्ट्रियां उतनी नहीं हैं।" लेकिन आज (नवंबर 2025) की खबर सुनने के बाद आपका सीना गर्व से चौड़ा हो जाएगा। हमारे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (Vishnu Deo Sai) ने दिल्ली जाकर जो कमाल किया है, उसकी चर्चा पूरे देश में हो रही है।
7.90 लाख करोड़ का 'जैकपॉट'!
जी हाँ, आपने सही पढ़ा। मुख्यमंत्री ने दिल्ली में 'इन्वेस्टर कनेक्ट' (Investor Connect) कार्यक्रम में देश-दुनिया के बड़े उद्योगपतियों से मुलाकात की और उन्हें छत्तीसगढ़ में बिजनेस करने के लिए राजी कर लिया है। नतीजा यह है कि राज्य को अब तक कुल 7.90 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव (Investment Proposals) मिले हैं।
आम आदमी का क्या फायदा?
आप सोच रहे होंगे कि "साहब, इन करोड़ों के आंकड़ों से मेरी जिंदगी में क्या बदलेगा?"
तो सुनिए, ये बदलाव आपके घर तक पहुंचेगा:
- युवाओं को नौकरी: नई फैक्ट्रियां मतलब नई नौकरियां। स्टील, इथेनॉल, पावर और आईटी सेक्टर में इतना काम आने वाला है कि हमारे पढ़े-लिखे युवाओं को रोजगार के लिए अब दूसरे राज्यों में भटकना नहीं पड़ेगा।
- दुकानदारी चमकेगी: जब नए उद्योग लगेंगे, तो बाजार में पैसा आएगा और छोटे-मंझोले व्यापारियों की भी चांदी होगी।
तारीख तय: मार्च 2026 तक 'नक्सल मुक्त' बस्तर
पैसे के अलावा, दूसरी सबसे बड़ी बात जो सीएम ने कही, वो है 'शांति'। उन्होंने डंके की चोट पर ऐलान किया है कि उनकी सरकार का लक्ष्य मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को पूरी तरह नक्सलवाद (Naxalism) से मुक्त कराना है।
सोचिए, वो बस्तर जहाँ जाने से लोग डरते थे, सीएम वहां अब टूरिज्म (Tourism) को बढ़ावा दे रहे हैं। जल्द ही बस्तर में होम-स्टे और शानदार रिसॉर्ट्स खुलेंगे, जहाँ देश-विदेश के सैलानी घूमने आएंगे। नक्सली हिंसा अब अपने "अंतिम सांसे" गिन रही है और सड़कों-मोबाइल टावरों का जाल बिछाया जा रहा है।
खिलाड़ियों को भी मिला सम्मान
मुख्यमंत्री ने सिर्फ उद्योग ही नहीं, बल्कि खेल को भी सराहा है। हाल ही में उन्होंने महिला कबड्डी वर्ल्ड कप की स्टार और हमारे कोरबा की बेटी संजू देवी को सम्मानित किया। यह बताता है कि सरकार प्रतिभाओं की कद्र करना जानती है।
कुल मिलाकर, अब छत्तीसगढ़ सिर्फ 'धान का कटोरा' नहीं, बल्कि 'उद्योग और विकास का इंजन' बनने की राह पर दौड़ पड़ा है। यह वक्त बदलाव का है, उम्मीद का है!