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April 20 2026 12:49 am

Chhattisgarh High Court : अमित जोगी को हाईकोर्ट से बड़ा झटका जग्गी हत्याकांड में दोषी करार, 3 हफ्ते के भीतर होगा सरेंडर

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News India Live, Digital Desk : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। गुरुवार, 2 अप्रैल 2026 को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए अमित जोगी को इस हत्याकांड का दोषी करार दिया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की डिवीजन बेंच ने अमित जोगी को तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का कड़ा निर्देश दिया है।

क्या है 23 साल पुराना जग्गी हत्याकांड?

यह मामला 4 जून 2003 का है, जब रायपुर में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस समय राज्य में अजीत जोगी की सरकार थी।

शुरुआती जांच: पहले जांच स्थानीय पुलिस ने की, लेकिन पक्षपात के आरोपों के बाद मामला सीबीआई (CBI) को सौंपा गया।

आरोपी: इस सनसनीखेज राजनीतिक हत्याकांड में कुल 31 लोगों को आरोपी बनाया गया था।

ट्रायल कोर्ट का फैसला (2007): रायपुर की विशेष अदालत ने 28 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी, लेकिन अमित जोगी को 'सबूतों के अभाव' में बरी कर दिया गया था।

केस दोबारा खुलने की वजह

अमित जोगी के बरी होने के खिलाफ रामावतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी और CBI ने लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी।

सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप: नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की अपील में हुई देरी को माफ करते हुए हाईकोर्ट को मामले की दोबारा गुण-दोष के आधार पर सुनवाई करने का निर्देश दिया था।

हाईकोर्ट की सुनवाई: पिछले कुछ दिनों से इस मामले में लगातार सुनवाई चल रही थी। सतीश जग्गी के वकील ने तर्क दिया कि यह एक सुनियोजित राजनीतिक साजिश थी और सीबीआई की 11 हजार पन्नों की चार्जशीट में अमित जोगी के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं।

अमित जोगी की प्रतिक्रिया

हाईकोर्ट के इस फैसले पर अमित जोगी ने गहरी निराशा व्यक्त की है। उन्होंने सोशल मीडिया (X) पर पोस्ट कर कहा कि उन्हें अपनी बात रखने का पूरा मौका नहीं दिया गया और केवल 40 मिनट की सुनवाई के बाद यह फैसला सुना दिया गया। उन्होंने इस फैसले को 'अन्यायपूर्ण' बताते हुए ऊपरी अदालत में चुनौती देने के संकेत दिए हैं।

अब आगे क्या?

हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार, अमित जोगी को अब 23 अप्रैल 2026 तक कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण (Surrender) करना होगा। यह फैसला छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बड़ा भूचाल लेकर आया है, क्योंकि अमित जोगी राज्य की राजनीति में एक सक्रिय चेहरा हैं।