Chhattisgarh : बीजापुर में कायराना नक्सली हमला, IED ब्लास्ट में 11 जवान घायल जंगल में भारी सर्च ऑपरेशन जारी
News India Live, Digital Desk: छत्तीसगढ़ के बीजापुर (Bijapur) से एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण खबर आई है। जिस शांति और सुरक्षा के लिए हमारे जवान दिन-रात नक्सलियों के ख़तरे के बीच लड़ते हैं, उसी दौरान उन पर हमला किया गया है।
नक्सलियों ने एक बार फिर कायरता दिखाते हुए घात लगाकर हमला किया, जिसमें सुरक्षा बलों के करीब 11 जवान घायल हो गए हैं। ये जवान एंटी-नक्सल अभियान (Naxal Search Operation) के लिए निकले हुए थे, तभी यह हमला हुआ।
क्या हुआ बीजापुर में?
मामला बीजापुर के पुसगुड़ी और चिंतावागु इलाके के आस-पास का है। पुलिस को नक्सल मूवमेंट की खबर मिली थी। इसी के चलते जिला बल, डीआरजी (DRG) और कोबरा बटालियन के जवान मिलकर जंगल के उस मुश्किल इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रहे थे।
नक्सलियों को पता था कि जवान इस रास्ते से गुज़रेंगे। उन्होंने पहले से ही जंगल के रास्ते में एक खतरनाक आईईडी (IED) बम छिपा रखा था। जैसे ही जवानों का दल वहां पहुंचा, नक्सलियों ने रिमोट कंट्रोल के ज़रिए ज़ोरदार ब्लास्ट कर दिया।
घायलों की हालत और रेस्क्यू ऑपरेशन
इस अचानक हुए हमले से 11 जवान घायल हो गए हैं। खुशी की बात यह है कि अभी किसी की शहादत की खबर नहीं है। कुछ जवानों को गंभीर चोटें आई हैं, जबकि कुछ को हल्की चोट लगी है। सभी घायल जवानों को तत्काल इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जिसके बाद गंभीर रूप से घायल जवानों को रायपुर और बेहतर इलाज के लिए भेजा गया है।
हमले के बाद इलाके में अफ़रातफ़री मच गई। पुलिस और सुरक्षाबलों ने तुरंत पूरे इलाके को घेर लिया और नक्सलियों की तलाश तेज कर दी गई है। यह दिखाता है कि नक्सली अब आमने-सामने की लड़ाई से भागकर सिर्फ इस तरह के गुप्त हमलों पर निर्भर हो रहे हैं।
क्यों होता है बार-बार IED का इस्तेमाल?
नक्सलियों के लिए IED सबसे बड़ा हथियार इसलिए है, क्योंकि यह उन्हें छिपकर और दूर से हमला करने का मौका देता है। IED जंगल में बड़ी आसानी से प्लांट किया जाता है, जिससे सुरक्षाबलों के लिए उसे ढूंढना बहुत मुश्किल हो जाता है।