सत्ता गई पर बवाल कायम बघेल क्यों चाहते हैं सेक्स CD केस का दोबारा ट्रायल न हो, ये है कानूनी पेंच
News India Live, Digital Desk : छत्तीसगढ़ की राजनीति को लंबे समय तक हिलाकर रख देने वाले बहुचर्चित 'सेक्स सीडी कांड' मामले में एक बड़ा कानूनी पेंच सामने आया है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के कद्दावर नेता भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) ने सेशन कोर्ट (Session Court) के उस आदेश को अब छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट (Chhattisgarh High Court) में चुनौती देने का फैसला किया है, जिसमें दोबारा ट्रायल (Retrial) शुरू करने का निर्देश दिया गया था।
यह कानूनी दाँव-पेच बताता है कि यह हाई-प्रोफाइल मामला अभी भी खत्म होने से कोसों दूर है और भूपेश बघेल इस पर निर्णायक लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं।
क्या है 'सेक्स सीडी कांड' और क्यों हो रहा दोबारा ट्रायल?
यह मामला करीब सात साल पुराना है, जब छत्तीसगढ़ में एक कथित अश्लील सीडी सामने आई थी। यह मामला इतना बढ़ गया था कि उस समय के बीजेपी सरकार के एक मंत्री का नाम भी इसमें आया था।
- दोबारा ट्रायल का आदेश: सेशन कोर्ट ने किसी तकनीकी या प्रक्रियात्मक कमी को आधार बनाते हुए मामले का ट्रायल दोबारा शुरू करने का आदेश दिया था। यानी जिन गवाहों की गवाही पहले हो चुकी थी, उन्हें फिर से बुलाया जाएगा।
बघेल हाईकोर्ट क्यों जा रहे हैं?
सेशन कोर्ट द्वारा दिए गए दोबारा ट्रायल के आदेश के खिलाफ भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया है।
- राजनीतिक उद्देश्य: भूपेश बघेल और कांग्रेस हमेशा से आरोप लगाते रहे हैं कि यह मामला बीजेपी द्वारा उन्हें राजनीतिक रूप से कमजोर करने की साज़िश थी। बघेल इस कानूनी रास्ते को इसलिए भी चुन रहे हैं ताकि वह राजनीतिक तौर पर भी मजबूती से खड़े रह सकें।
भूपेश बघेल ने अपनी हार (पिछले विधानसभा चुनाव में) के बाद भी साफ कर दिया है कि वह इन कानूनी लड़ाइयों से पीछे हटने वाले नहीं हैं। यह कानूनी चुनौती तय करेगी कि यह चर्चित सेक्स सीडी कांड अब किस दिशा में आगे बढ़ता है।