Chanakya Niti : समाज में अपनी वैल्यू बनाए रखना चाहते हैं, तो आज ही छोड़ दें ये 6 आदतें, वरना मिट्टी में मिल जाएगी प्रतिष्ठा

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News India Live, Digital Desk: आचार्य चाणक्य की नीतियां सदियों बाद आज भी उतनी ही सटीक हैं, जितनी उनके समय में थीं। चाणक्य का मानना था कि मान-सम्मान एक ऐसी अनमोल पूंजी है जिसे कमाना जितना मुश्किल है, उसे खोना उतना ही आसान। अक्सर हम अपनी कुछ बुरी आदतों के कारण समाज में अपनी गरिमा खो देते हैं और हमें पता भी नहीं चलता।

अगर आप भी चाहते हैं कि लोग आपको गंभीरता से लें और आपकी प्रतिष्ठा बनी रहे, तो आचार्य चाणक्य के बताए इन 6 दोषों से तुरंत दूरी बना लें:

1. जरूरत से ज्यादा बोलना (अति सर्वत्र वर्जयेत्)

चाणक्य के अनुसार, जो व्यक्ति बिना सोचे-समझे और अनावश्यक बोलता है, लोग उसे 'हल्का' समझने लगते हैं।

नुकसान: नपे-तुले शब्दों का प्रयोग न करने से आपकी बौद्धिक क्षमता पर सवाल उठते हैं और आपके गुप्त रहस्य भी सार्वजनिक होने का डर रहता है। कम और सार्थक बोलने वालों का समाज में हमेशा वजन रहता है।

2. अनियंत्रित क्रोध: खुद का सबसे बड़ा शत्रु

क्रोध उस आग के समान है जो दूसरों का नुकसान करने से पहले आपके अपने विवेक और चरित्र को जला देती है।

नुकसान: जो व्यक्ति छोटी-छोटी बातों पर अपना आपा खो देता है, वह धीरे-धीरे अकेला पड़ जाता है। गुस्से में बोली गई कड़वी बातें आपके वर्षों के रिश्तों को एक पल में खत्म कर सकती हैं।

3. लालच और स्वार्थ की प्रवृत्ति

चाणक्य नीति कहती है कि लालची व्यक्ति कभी भी निष्पक्ष नहीं हो सकता।

नुकसान: जब आपके हर काम के पीछे निजी स्वार्थ छिपा होता है, तो समाज आपकी विश्वसनीयता (Credibility) पर शक करने लगता है। एक बार भरोसा टूट जाए, तो मान-सम्मान वापस पाना नामुमकिन हो जाता है।

4. समय की कद्र न करना (Discipline)

समय के पाबंद न होने वाले व्यक्ति को समाज में 'गैर-जिम्मेदार' माना जाता है।

नुकसान: जो व्यक्ति खुद के समय की इज्जत नहीं करता, दूसरे भी उसे महत्व देना बंद कर देते हैं। सफलता और सम्मान केवल उन्हीं का हाथ थामते हैं जो समय के साथ कदम मिलाकर चलते हैं।

5. अहंकार और झूठा दिखावा

घमंड इंसान की बुद्धि को नष्ट कर देता है। दिखावे की चमक बहुत कम समय के लिए होती है।

नुकसान: आचार्य चाणक्य मानते हैं कि विनम्रता ही वह आभूषण है जो आपको स्थायी सम्मान दिलाती है। अहंकारी व्यक्ति अपनी झूठी शान में खुद को श्रेष्ठ समझता है, लेकिन लोग पीठ पीछे उसकी बुराई करते हैं।

6. हमेशा नकारात्मकता और शिकायतें करना

कुछ लोग 'शिकायती बॉक्स' की तरह होते हैं, जिन्हें हर अच्छी चीज में भी कमी नजर आती है।

नुकसान: निरंतर नकारात्मक रहने वाले लोगों के पास कोई बैठना पसंद नहीं करता। ऐसी सोच आपको एक कमजोर व्यक्तित्व के रूप में पेश करती है। समाज हमेशा उन लोगों का आदर करता है जो समाधान (Solution) की बात करते हैं, न कि केवल समस्याओं की।चाणक्य का संदेश: मान-सम्मान कोई मांग कर मिलने वाली चीज नहीं है, यह आपके व्यवहार और चरित्र की परछाई है।

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