Chaitra Month 2026 Rules : शुरू हुआ हिंदू नववर्ष का पवित्र महीना; जानें चैत्र में क्या खाएं और किन आदतों से बना लें दूरी
News India Live, Digital Desk: चैत्र का महीना वसंत ऋतु के अंत और ग्रीष्म ऋतु (गर्मी) के आगमन का संधि काल होता है। इस समय शरीर में पित्त और कफ का असंतुलन होने की संभावना रहती है, इसलिए आयुर्वेद और शास्त्रों में इसके लिए सख्त नियम बनाए गए हैं।
1. खान-पान के नियम: क्या खाएं? (What to Eat)
गुड़ का त्याग, मिश्री का साथ: इस महीने से गुड़ खाना छोड़ देना चाहिए और उसकी जगह मिश्री या चीनी का सीमित प्रयोग करना चाहिए।
नीम की पत्तियों का सेवन: चैत्र में सुबह खाली पेट नीम की कोमल पत्तियां चबाना बहुत शुभ और स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है। यह साल भर चर्म रोगों और रक्त संबंधी अशुद्धियों से बचाता है।
अनाज में बदलाव: इस महीने में भारी और गरिष्ठ भोजन के बजाय हल्का भोजन करना चाहिए। चने का सेवन इस मास में विशेष फलदायी माना गया है।
फलों का सेवन: मौसमी फल और अधिक जल वाले खाद्य पदार्थों को आहार में शामिल करें।
2. किन चीजों से करें परहेज? (Don'ts in Chaitra)
मिश्री और नमक का संतुलन: आयुर्वेद के अनुसार, इस महीने में बहुत अधिक नमक खाने से बचना चाहिए।
तामसिक भोजन: चूंकि इस महीने में चैत्र नवरात्रि भी आती है, इसलिए मांस, मदिरा, प्याज और लहसुन जैसे तामसिक भोजन का पूर्ण त्याग करना चाहिए।
देर तक सोना: चैत्र में सूर्य की ऊर्जा तीव्र होने लगती है, इसलिए सूर्योदय से पहले उठना और ठंडे पानी से स्नान करना ऊर्जावान बनाए रखता है।
3. धार्मिक और ज्योतिषीय उपाय (Astrology Tips)
सूर्य और शक्ति की उपासना: चैत्र मास में सूर्य देव और मां दुर्गा की पूजा का विशेष महत्व है। इस महीने 'आदित्य हृदय स्तोत्र' का पाठ करना चाहिए।
जल दान: गर्मी की शुरुआत होने के कारण इस महीने प्यासे लोगों या पशु-पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करना सबसे बड़ा पुण्य माना गया है।
नए कार्यों की शुरुआत: हिंदू नववर्ष होने के कारण नए संकल्प लेने और नए व्यापार की योजना बनाने के लिए यह महीना श्रेष्ठ है (हालांकि 15 मार्च से खरमास लगने के कारण विवाह जैसे मांगलिक कार्य रुक जाएंगे)।
4. महत्वपूर्ण त्यौहार (Upcoming Festivals in Chaitra)
चैत्र नवरात्रि: मां दुर्गा की उपासना का पर्व।
राम नवमी: भगवान श्री राम का जन्मोत्सव।
हनुमान जयंती: चैत्र पूर्णिमा के दिन पवनपुत्र का जन्मोत्सव।