बिहार चुनाव में बंपर वोटिंग क्या SIR की एक अपील ने सारा खेल बदल दिया?

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News India Live, Digital Desk: इस बार बिहार के चुनावी माहौल में कुछ ऐसा हुआ है जो सबको हैरान कर रहा है। चौथे चरण के चुनाव में, खासकर उजियारपुर और बेगूसराय जैसी सीटों पर लोगों ने वोट डालने के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। शाम 5 बजे तक ही 55% से ज़्यादा वोट पड़ चुके थे, और जिस तरह से लोग वोट देने के लिए निकल रहे थे, उसे देखकर लग रहा था कि इस बार वाकई कुछ अलग होने वाला है।

अचानक क्यों उमड़ी इतनी भीड़?

राजनीति के जानकारों का मानना है कि इस रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग के पीछे एक बड़ी वजह "SIR" का प्रभाव हो सकता है। "SIR" का मतलब है - सन ऑफ इंडिया, राजेश रंजन, जिन्हें हम सब पप्पू यादव के नाम से जानते हैं। पप्पू यादव की पत्नी रंजीत रंजन कांग्रेस की उम्मीदवार हैं और उनके लिए पप्पू यादव ने दिन-रात एक कर दिया था। कहा जा रहा है कि उनकी भावनात्मक अपीलों का लोगों पर गहरा असर हुआ है।

दूसरी तरफ, बेगूसराय में भी कुछ ऐसा ही माहौल देखने को मिला। यहाँ से सीपीआई के उम्मीदवार अवधेश राय के लिए भी लोगों का उत्साह देखने लायक था। ऐसा लग रहा था कि लोग सिर्फ वोट नहीं डाल रहे, बल्कि एक बदलाव के लिए अपना पूरा समर्थन दे रहे हैं।

क्या कहते हैं आंकड़े?

इस बार के चुनाव में सबसे खास बात यह रही कि सुबह से ही पोलिंग बूथों पर लंबी-लंबी कतारें दिखने लगी थीं। दोपहर तक तो वोटिंग का प्रतिशत पिछले कई चुनावों को पार कर चुका था। दरभंगा, समस्तीपुर, और मुंगेर जैसे इलाकों में भी लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

इस भारी मतदान को देखकर अब हर कोई यही अंदाज़ा लगा रहा है कि ऊंट किस करवट बैठेगा। क्या यह किसी एक पार्टी के समर्थन में है या फिर किसी के खिलाफ? यह तो नतीजे आने पर ही पता चलेगा, लेकिन एक बात तो साफ है कि बिहार की जनता ने इस बार अपना मन बनाया है और खुलकर अपनी आवाज़ उठाई है।