झारखंड के रामगढ़ में मानवता शर्मसार ,7 साल के बच्चे के साथ बर्बरता
News India Live, Digital Desk : झारखंड का रामगढ़ इलाका आज एक ऐसी शर्मनाक घटना का गवाह बना है, जिसने पूरे समाज की सोच पर सवालिया निशान लगा दिया है। कल्पना कीजिए, एक सात साल का बच्चा, जिसे अभी दुनिया की सही-गलत की समझ भी नहीं होगी, उसे कुछ लोगों ने दरिंदों की तरह एक पेड़ से बांध दिया। इतने पर भी मन नहीं भरा, तो उसे डंडे और लातों से तब तक पीटा गया जब तक उसकी चीखें धीमी नहीं पड़ गईं।
वो खौफनाक मंजर जिसने सबको दहला दिया
सोशल मीडिया और आसपास के लोगों के जरिए जो जानकारी सामने आई है, वह सिहरन पैदा करने वाली है। बच्चे को रस्सियों से पेड़ में जकड़ा गया था, वह रोता रहा, चिल्लाता रहा और रहम की भीख मांगता रहा, लेकिन वहां मौजूद 'इंसान' बने खड़े उन लोगों का दिल नहीं पसीजा। किसी ने उस बच्चे को बचाने की हिम्मत नहीं दिखाई, बल्कि इस हैवानियत का तमाशा देखते रहे।
समाज के नाम पर एक काला दाग
सभ्य समाज में किसी बच्चे के साथ ऐसी हरकत का मतलब है कि हमारे भीतर की संवेदनाएं पूरी तरह खत्म हो चुकी हैं। आखिर एक 7 साल के बच्चे से किसी को ऐसी क्या दुश्मनी हो सकती है कि उसे जानवरों से भी बदतर तरीके से पीटा जाए? इस घटना ने न केवल पुलिस-प्रशासन, बल्कि पड़ोसियों की 'चुप्पी' पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस की कार्यवाही और दोषियों का क्या हुआ?
जैसे ही यह घटना पुलिस के संज्ञान में आई, इलाके में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि पुलिस ने तुरंत कदम उठाते हुए पीड़ित बच्चे को बचाया और उसे इलाज के लिए भेजा। आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी गई है। लोग मांग कर रहे हैं कि ऐसे दोषियों को बीच चौराहे पर सजा मिलनी चाहिए ताकि आगे कोई किसी बच्चे की तरफ गलत नज़र डालने की भी हिम्मत न कर सके।
इलाज के साथ अब मानसिक घाव भरने की चुनौती
शारीरिक चोटें तो समय के साथ ठीक हो सकती हैं, लेकिन एक सात साल के मन पर जो गहरा जख्म लगा है, उसे भरने में सालों लग जाएंगे। उस बच्चे के दिल में अब बड़ों और इस समाज के प्रति जो डर बैठ गया है, उसकी भरपाई कोई नहीं कर पाएगा।