Bihar : महागठबंधन में महा-कलह पप्पू यादव ने तेजस्वी को घेरा विपक्ष के नेता का दायित्व बातचीत करना था, घर बैठना नहीं
News India Live, Digital Desk: राज्यसभा की पांचों सीटों पर एनडीए (NDA) की जीत और महागठबंधन के उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह (A.D. Singh) की हार ने बिहार के विपक्षी खेमे में हलचल मचा दी है। संख्या बल करीब होने के बावजूद क्रॉस-वोटिंग और विधायकों की अनुपस्थिति ने महागठबंधन की रणनीति को फेल कर दिया।
1. पप्पू यादव के तेजस्वी पर तीखे प्रहार
पप्पू यादव ने इस हार को 'रणनीतिक विफलता' बताते हुए तेजस्वी यादव पर कई सवाल दागे हैं:
बातचीत की कमी: पप्पू यादव ने कहा, "विपक्ष के नेता का दायित्व था कि वे चुनाव को लेकर बिहार कांग्रेस प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष से सीधे बात करते। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया, जिसका नतीजा आज सबके सामने है।"
जिम्मेदारी से भागने का आरोप: उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब संख्या बल जुटाने की बात थी, तब समन्वय (Coordination) की भारी कमी दिखी। विपक्ष के नेता को पहले से पता था कि कितने वोट कम हैं, फिर भी ठोस रणनीति नहीं बनाई गई।
कांग्रेस को नसीहत: पप्पू यादव ने यह भी संकेत दिया कि अगर राजद (RJD) का रवैया ऐसा ही रहा, तो कांग्रेस को अपने भविष्य के बारे में अलग से सोचना चाहिए।
2. तेजस्वी यादव का 'दर्द' और सफाई
हार के बाद तेजस्वी यादव ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है, हालांकि उन्होंने इसे 'लोकतंत्र की हत्या' और 'धोखा' करार दिया:
विधायकों का धोखा: तेजस्वी ने कहा कि अगर महागठबंधन के विधायकों ने ऐन वक्त पर धोखा नहीं दिया होता, तो हमारी जीत तय थी।
बीजेपी पर आरोप: उन्होंने बीजेपी पर धनबल और सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके विधायकों को डराया-धमकाया गया या प्रलोभन दिया गया।
समीक्षा की बात: तेजस्वी ने कहा कि कौन से विधायक क्यों नहीं आए (कांग्रेस के 3 और राजद के 1 विधायक अनुपस्थित थे), इस पर जल्द ही समीक्षा बैठक की जाएगी।
3. चुनाव का समीकरण: कहाँ हुई चूक?
संख्या बल: महागठबंधन को जीत के लिए 41 वोटों की जरूरत थी। उनके पास अपने 35 वोट थे, और AIMIM (5) व BSP (1) का समर्थन मिलने के बाद यह संख्या 41 पहुँच रही थी।
अनुपस्थिति: मतदान के दिन कांग्रेस के 3 विधायक (मनोज विश्वास, सुरेंद्र कुशवाहा, मनोहर सिंह) और राजद के 1 विधायक (फैजल रहमान) वोट डालने नहीं आए।
परिणाम: इसी कारण राजद उम्मीदवार केवल 37-38 वोट ही जुटा पाए और एनडीए के 5वें उम्मीदवार शिवेश कुमार ने बाजी मार ली।