Bihar Election 2026: पहली वरीयता में पिछड़ने के बाद कैसे जीते भाजपा के शिवेश राम? जानें वोटों का पूरा समीकरण
News India Live, Digital Desk : राज्यसभा चुनाव के नतीजे चौंकाने वाले रहे। संख्या बल के आधार पर आरजेडी उम्मीदवार एडी सिंह की जीत की संभावना अधिक लग रही थी, लेकिन दूसरी वरीयता के मतों ने पासा पलट दिया।
1. प्रथम वरीयता के मत: एडी सिंह की बढ़त
पहली वरीयता के मतों की गिनती में राजद उम्मीदवार एडी सिंह स्पष्ट रूप से आगे थे:
एडी सिंह (RJD): इन्हें पहली वरीयता के 37 वोट मिले।
शिवेश राम (BJP): इन्हें पहली वरीयता के केवल 30 वोट मिले।
चूक: एडी सिंह शिवेश राम से 700 मूल्य के अंकों (7 वोट) से आगे थे, लेकिन वे जीत के लिए निर्धारित 41 वोटों के जादुई आंकड़े को नहीं छू सके।
2. दूसरी वरीयता की गिनती: ऐसे पलटा पासा
चूंकि कोई भी उम्मीदवार कोटा पूरा नहीं कर पाया, इसलिए दूसरी वरीयता के मत गिने गए। यहीं एनडीए की 'माइक्रो-प्लानिंग' काम आई:
NDA की रणनीति: एनडीए के पास नीतीश कुमार, नितिन नवीन, रामनाथ ठाकुर और उपेंद्र कुशवाहा की जीत के बाद 38 अतिरिक्त वोट बचे थे।
वोट ट्रांसफर: नीतीश कुमार और नितिन नवीन को मिले सरप्लस वोटों में से अधिकांश ने दूसरी वरीयता के रूप में शिवेश राम को चुना था।
नतीजा: दूसरी वरीयता के वोट जुड़ने के बाद शिवेश राम ने एडी सिंह को 302 अंकों (वोट वैल्यू) के अंतर से पछाड़ दिया और जीत दर्ज की।
3. विपक्ष की हार के मुख्य कारण
महाबंधन की हार के पीछे रणनीतिक विफलता और विधायकों की अनुपस्थिति बड़ी वजह रही:
4 विधायकों की अनुपस्थिति: कांग्रेस के 3 और राजद के 1 (फैजल रहमान) विधायक वोट डालने नहीं आए।
क्रॉस वोटिंग का अभाव: राजद को उम्मीद थी कि वे निर्दलीय या अन्य से वोट जुटा लेंगे, लेकिन एनडीए का कुनबा पूरी तरह एकजुट रहा।