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March 18 2026 09:12 pm

Bihar Politics : तेजस्वी ने ए.डी. सिंह को बनाया बलि का बकरा, राज्यसभा चुनाव पर BJP विधायक रजनीश सिंह का बड़ा हमला

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News India Live, Digital Desk:  बिहार की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर वार-पलटवार का दौर तेज हो गया है। बीजेपी विधायक रजनीश सिंह ने आरजेडी (RJD) नेता तेजस्वी यादव पर सीधा हमला बोलते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। रजनीश सिंह का दावा है कि तेजस्वी यादव को अच्छी तरह पता था कि आरजेडी यह सीट नहीं जीत पाएगी, इसीलिए उन्होंने ए.डी. सिंह को 'बलि का बकरा' बनाया है।

"हार पक्की थी, इसलिए परिवार को नहीं उतारा"

बीजेपी विधायक रजनीश सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि अगर आरजेडी को जीत का भरोसा होता, तो तेजस्वी यादव अपने परिवार के किसी सदस्य को मैदान में उतारते। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी आरजेडी के पास सुरक्षित सीट होती है, तो वहां परिवारवाद हावी हो जाता है, लेकिन जहां हार का डर होता है, वहां बाहरी नेताओं को आगे कर दिया जाता है।

ए.डी. सिंह के नामांकन पर सियासत गरमाई

आरजेडी द्वारा ए.डी. सिंह को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाए जाने के फैसले पर बीजेपी शुरू से ही हमलावर है। रजनीश सिंह का कहना है कि यह केवल एक राजनीतिक छलावा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आरजेडी के पास समर्पित कार्यकर्ताओं की कमी थी जो उन्हें फिर से ए.डी. सिंह पर दांव लगाना पड़ा, जबकि संख्या बल उनके पक्ष में नहीं था।

बिहार विधानसभा में संख्या बल का खेल

राज्यसभा की इस सीट के लिए हो रहे चुनाव में एनडीए (NDA) का पलड़ा भारी नजर आ रहा है। आंकड़ों के गणित को देखें तो आरजेडी के पास अपने दम पर जीत दर्ज करने के लिए पर्याप्त विधायक नहीं हैं। बीजेपी इसी कमजोरी को आधार बनाकर तेजस्वी यादव की रणनीति पर सवाल उठा रही है।

बीजेपी का आरोप: "कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर रही आरजेडी"

रजनीश सिंह ने आगे कहा कि तेजस्वी यादव की पार्टी में जमीन पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं की कोई कद्र नहीं है। उन्होंने कहा कि पैसे और रसूख वालों को तरजीह देना आरजेडी की पुरानी परंपरा रही है। इस बयान के बाद अब आरजेडी खेमे में हलचल बढ़ गई है और उम्मीद की जा रही है कि पार्टी जल्द ही इस पर पलटवार करेगी।

2026 के चुनावी समीकरणों पर असर

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि राज्यसभा चुनाव के बहाने बीजेपी और आरजेडी एक-दूसरे के वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश कर रहे हैं। रजनीश सिंह का यह बयान सवर्ण मतदाताओं और आरजेडी के कोर कैडर के बीच भ्रम पैदा करने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हो सकता है।