जारीबाग धमाके में पुलिस का बड़ा खुलासा, RDX नहीं तो आखिर किस चीज से हुआ था ब्लास्ट?
News India Live, Digital Desk: पिछले कुछ घंटों से हजारीबाग (Hazaribagh) और पूरे झारखंड में जिस खबर ने दहशत फैला रखी थी, उस पर अब एक बड़ी और राहत वाली अपडेट आई है। हम बात कर रहे हैं हजारीबाग में हुए उस संदिग्ध धमाके की, जिसने हर किसी को यह सोचने पर मजबूर कर दिया था कि क्या यह कोई आतंकी साजिश तो नहीं?
जब कहीं ब्लास्ट होता है, तो सबसे पहले दिमाग में RDX या किसी बड़े विस्फोटक का ख्याल आता है। जाहिर है, डर का माहौल बन गया था। लेकिन, पुलिस की जांच ने अब "दूध का दूध और पानी का पानी" कर दिया है।
पुलिस ने कहा- डरें नहीं, RDX नहीं था
पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौका-ए-वारदात से जो नमूने उठाए थे, उनकी शुरुआती जांच आ गई है। हजारीबाग पुलिस ने साफ कर दिया है कि उस धमाके में आरडीएक्स (RDX) का इस्तेमाल नहीं हुआ था। जी हाँ, यह कोई हाई-प्रोफाइल बम धमाका नहीं था।
तो फिर वो क्या था? पुलिस के मुताबिक, यह कम तीव्रता वाला विस्फोटक (Low Intensity Explosive) हो सकता है। अक्सर आपने देखा होगा कि गाँवों में लोग जानवरों को भगाने के लिए या फिर अवैध रूप से शिकार वगैरह के लिए 'गंधक-पोटाश' जैसे लोकल मसालों का इस्तेमाल करते हैं। जांच में इशारा इसी तरफ है कि शायद किसी बैग में रखे ऐसे ही किसी ज्वलनशील पदार्थ में घर्षण या दबाव पड़ने से यह विस्फोट हो गया।
अफवाहों पर ध्यान न दें
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की बातें उड़ने लगी थीं। कोई इसे नक्सली हमला बता रहा था, तो कोई आतंकी साजिश। लेकिन एसपी (SP) ने स्पष्ट कर दिया है कि पैनिक होने की जरूरत नहीं है। यह एक हादसा हो सकता है जो लापरवाही की वजह से हुआ, न कि कोई सोची-समझी आतंकी चाल।
हाँ, यह लापरवाही भी एक जुर्म है। सार्वजनिक बस या भीड़भाड़ वाली जगह पर ऐसे खतरनाक पदार्थ लेकर चलना किसी की भी जान जोखिम में डाल सकता है। पुलिस अब उस व्यक्ति की तलाश कर रही है जो यह बैग लेकर सफर कर रहा था।
सबक क्या है?
भले ही यह RDX नहीं था, लेकिन धमाका तो धमाका होता है। यह घटना हमें भी सतर्क करती है कि बस या ट्रेन में सफर करते समय अगर कोई लावारिस बैग दिखे या किसी के पास संदिग्ध सामान हो, तो तुरंत कंडक्टर या पुलिस को बताएं। सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।