रांची या लद्दाख? कांके में जम गई ओस की बूंदें, झारखंड में टूटे ठंड के सारे पुराने रिकॉर्ड

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News India Live, Digital Desk: अगर आप झारखंड में रहते हैं, तो आज सुबह जब आपकी आंख खुली होगी, तो यकीनन रजाई से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं हुई होगी। और अगर आप किसी तरह बाहर निकले भी होंगे, तो हवा के सर्द झोंकों ने आपको अंदर तक हिला दिया होगा।

जी हाँ, झारखंड में ठंड अब मजाक नहीं, बल्कि मुसीबत बन गई है। जो हाल हम अक्सर पहाड़ों का सुनते थे, वैसा ही कुछ हाल अब मैदानी और पठारी इलाकों का हो गया है। ताज़ा रिपोर्ट की मानें तो राज्य के कई हिस्सों में पारा पाताल में चला गया है।

कांके ने फिर जमा दिया सब कुछ

झारखंड की राजधानी रांची का कांके इलाका तो हमेशा अपनी ठंड के लिए बदनाम रहता है, लेकिन इस बार मामला कुछ ज्यादा ही सीरियस है। वहां तापमान 1 डिग्री से भी नीचे जाने की खबरें आ रही हैं। हालत यह है कि सुबह घास पर पड़ी ओस की बूंदें बर्फ बन गई हैं। सोचिए, जब ओस जम रही है, तो खुले में रहने वालों या सुबह काम पर जाने वालों का क्या हाल होता होगा।

सिर्फ रांची ही नहीं, मेदिनीनगर, हजारीबाग और लातेहार का भी बुरा हाल है। शाम होते ही बाज़ार सूने हो रहे हैं और लोग घरों में दुबक रहे हैं। गलियों और चौराहों पर जलता अलाव ही अब लोगों का इकलौता सहारा बचा है।

मौसम विभाग का क्या कहना है?

मौसम वैज्ञानिकों ने साफ कर दिया है कि अभी राहत की उम्मीद मत पालिये। बर्फीली हवाओं (शीतलहर) ने पूरे राज्य को अपनी चपेट में ले रखा है। इसे 'कोल्ड वेव' (Cold Wave) का असर कहा जा रहा है, जो अभी एक-दो दिन और ऐसे ही सितम ढा सकता है।

पछुआ हवा (Pachhua Hawa) की वजह से दिन में निकली धूप भी बेअसर लग रही है। कनकनी इतनी ज्यादा है कि मफलर और स्वेटर भी फेल होते दिख रहे हैं।

अपनी सेहत का रखें खास ख्याल

  1. बुजुर्ग और बच्चे: घर के बुजुर्गों और छोटे बच्चों का विशेष ध्यान रखें। सुबह और देर शाम उन्हें बाहर न निकलने दें, क्योंकि यह सूखी ठंड सीधे सीने पर असर करती है।
  2. गाड़ी धीरे चलाएं: कई हाइवे पर सुबह घना कोहरा भी देखा जा रहा है। अगर विजिबिलिटी कम है, तो गाड़ी की रफ्तार धीमी रखें और फॉग लाइट का इस्तेमाल करें।
  3. खानपान: शरीर को गर्म रखने के लिए गुड़, तिल और गर्म पानी का सेवन करें।