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March 17 2026 09:35 am

जयपुर के SMS अस्पताल में बड़ा फेरबदल कई डॉक्टर्स अब RUHS में करेंगे इलाज, फैसले से मेडिकल कॉलेज में हलचल

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News India Live, Digital Desk : अगर आप या आपके परिवार का कोई सदस्य इलाज के लिए सवाई मान सिंह (SMS) अस्पताल जाने की सोच रहा है, तो यह खबर आपके लिए बहुत काम की है। प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल SMS में सब कुछ 'नॉर्मल' नहीं चल रहा है। वजह है एक सरकारी आदेश, जिसने डॉक्टरों के बीच खलबली मचा दी है।

जी हाँ, खबर पक्की है। SMS मेडिकल कॉलेज से जुड़े कई डॉक्टर्स का 'पता' अब बदल दिया गया है। उन्हें SMS से हटाकर आरयूएचएस (RUHS - Rajasthan University of Health Sciences) में शिफ्ट किया जा रहा है।

अचानक क्यों आए ये आर्डर?
आम जनता अक्सर सोचती है कि डॉक्टर तो डॉक्टर है, चाहे यहाँ बैठे या वहाँ। लेकिन मेडिकल लाइन के लोग जानते हैं कि SMS में पोस्टिंग होना 'प्रतिष्ठा' की बात मानी जाती है। ऐसे में, अचानक आए ट्रांसफर आर्डर ने कई सीनियर और जूनियर डॉक्टरों की नींद उड़ा दी है।

प्रशासन का तर्क है कि RUHS को भी मजबूत करना है। वहां मरीजों की संख्या बढ़ रही है और उसे 'सुपर स्पेशलिटी' सेवाओं से लैस करने के लिए अनुभवी हाथों की जरूरत है। इसलिए SMS के 'पूल' से कुछ डॉक्टर्स को वहां भेजा जा रहा है।

डॉक्टरों में थोड़ी नाराजगी?
अंदरखाने से ऐसी बातें सुनने को मिल रही हैं कि कई डॉक्टर इस फैसले से ज्यादा खुश नहीं हैं। SMS शहर के बीचों-बीच है और यहाँ के अनुभव का वजन अलग है, जबकि RUHS प्रताप नगर (Pratap Nagar) में स्थित है। दबी जुबान में विरोध या असहमति की बातें भी सामने आ रही हैं। कुछ को लग रहा है कि यह रूटीन ट्रांसफर नहीं, बल्कि उन्हें 'साइडलाइन' करने जैसा है।

मरीजों पर क्या होगा असर?
अब सबसे बड़ा सवाल— आम आदमी का क्या?
देखिये, अगर SMS से अच्छे डॉक्टर हटेंगे, तो जाहिर है वहां पहले से मौजूद भीड़ और कतारें और लंबी हो सकती हैं। जिन मरीजों का इलाज किसी स्पेसिफिक डॉक्टर के पास चल रहा था, उन्हें अब फॉलो-अप के लिए शायद RUHS के चक्कर काटने पड़ें।

दूसरी तरफ, जो मरीज RUHS के आसपास रहते हैं (जैसे सांगानेर, प्रताप नगर), उनके लिए यह "बल्ले-बल्ले" वाली खबर है। उन्हें अब छोटे-मोटे इलाज या स्पेशलिस्ट को दिखाने के लिए शहर की भीड़भाड़ में SMS नहीं आना पड़ेगा, उन्हें घर के पास ही बेहतर इलाज मिलेगा।

प्रशासन सख्त मूड में
सूत्र बताते हैं कि मेडिकल शिक्षा विभाग ने लिस्ट फाइनल कर दी है और डॉक्टर्स को जल्द से जल्द नई जगह ज्वाइन करने को कहा है। अब देखना यह है कि यह 'शिफ्टिंग' कितनी शांति से हो पाती है और क्या इससे सच में जयपुर की स्वास्थ्य व्यवस्था (Health System) सुधरेगी या सिर्फ डॉक्टरों की भागदौड़ बढ़ेगी?

आप इस फैसले को कैसे देखते हैं? क्या डॉक्टरों को हर जगह सेवा देने के लिए तैयार रहना चाहिए?

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