महाराष्ट्र में बड़ा सियासी भूचाल उद्धव की सेना ने दिया BJP का साथ, कांग्रेस के हाथ से फिसली मेयर की कुर्सी

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News India Live, Digital Desk: महाराष्ट्र की राजनीति में मंगलवार को एक ऐसा उलटफेर देखने को मिला जिसने 'महा विकास अघाड़ी' (MVA) के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। चंद्रपुर नगर निगम के मेयर चुनाव में उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना (UBT) ने सबको चौंकाते हुए भाजपा का समर्थन कर दिया। इस अप्रत्याशित गठबंधन के कारण भाजपा की संगीता खांडेकर महज 1 वोट के अंतर से मेयर चुनी गईं, जबकि सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद कांग्रेस को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा।

गुटबाजी ने डुबोई कांग्रेस की लुटिया

चंद्रपुर में कांग्रेस के पास 27 पार्षद थे और वह बहुमत के आंकड़े के सबसे करीब थी, लेकिन पार्टी के भीतर मचे घमासान ने सारा खेल बिगाड़ दिया। विजय वडेट्टीवार और प्रतिभा धानोरकर गुटों के बीच खींचतान का फायदा उठाते हुए भाजपा ने 'किंगमेकर' बनी शिवसेना (UBT) को अपने पाले में कर लिया। 66 सदस्यीय सदन में भाजपा उम्मीदवार को 32 वोट मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार वैशाली महादुले को 31 वोटों पर ही संतोष करना पड़ा।

BJP और शिवसेना (UBT) का 'सीक्रेट' समझौता

इस गठबंधन के पीछे विकास का हवाला दिया जा रहा है। समझौते के तहत मेयर का पद रोटेशन के आधार पर रहेगा। पहले 15 महीने भाजपा के पास मेयर पद रहेगा, जिसके बाद शिवसेना (UBT) का मेयर बनेगा। चुनाव के तुरंत बाद उद्धव गुट के प्रशांत दानव को उपमहापौर चुना गया है। शिवसेना (UBT) के जिला अध्यक्ष संदीप गिरहे ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस से मेयर पद मांगा था, लेकिन बार-बार संपर्क करने के बावजूद कांग्रेस ने कोई सकारात्मक जवाब नहीं दिया, जिसके बाद उन्हें 'शहर के विकास' के लिए भाजपा के साथ जाना पड़ा।

कांग्रेस का फूटा गुस्सा: 'पीठ में छुरा घोंपा'

इस हार से तिलमिलाई कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया है। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने शिवसेना (UBT) पर गठबंधन धर्म को तोड़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह INDIA गठबंधन के साथ धोखा है। कांग्रेस ने AIMIM और वंचित बहुजन अघाड़ी (VBA) को भी भाजपा की जीत के लिए जिम्मेदार ठहराया है।

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