राजस्थान में फिर लौटेगी कड़ाके की ठंड, पश्चिमी विक्षोभ का डबल अटैक, बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट
News India Live, Digital Desk: राजस्थान के कई जिलों में पिछले कुछ दिनों से बढ़ रही गर्मी पर अब ब्रेक लगने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि अगले 48 घंटों के भीतर राज्य के मौसम में बड़ा बदलाव आएगा, जिससे पारा तेजी से नीचे गिरेगा और कुछ इलाकों में बारिश के साथ ओले भी गिर सकते हैं।
1. पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव (The WD Factor)
हिमालयी क्षेत्रों में सक्रिय हुए नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण अरब सागर से नमी वाली हवाएं राजस्थान की ओर बढ़ रही हैं।
बादलों की आवाजाही: जयपुर, बीकानेर और श्रीगंगानगर समेत कई जिलों में बादलों ने डेरा डालना शुरू कर दिया है।
तापमान में गिरावट: दिन और रात के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की कमी आने की संभावना है।
2. किन जिलों में बारिश की संभावना?
मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, राजस्थान के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश (Thunderstorm) हो सकती है:
येलो अलर्ट वाले जिले: बीकानेर, जैसलमेर, हनुमानगढ़, चूरू और श्रीगंगानगर।
संभावित ओलावृष्टि: शेखावाटी क्षेत्र (सीकर और झुंझुनू) में गरज-चमक के साथ कहीं-कहीं ओले भी गिर सकते हैं, जो रबी की फसलों के लिए चिंता का विषय है।
3. 'फरवरी में मार्च जैसी गर्मी' पर लगेगा ब्रेक
पिछले एक हफ्ते से राजस्थान में गर्मी समय से पहले दस्तक देती दिख रही थी। बाड़मेर और फलौदी जैसे इलाकों में पारा 30 डिग्री के पार जा चुका था।
बदलेगा मिजाज: इस विक्षोभ के गुजरने के बाद एक बार फिर उत्तर से आने वाली बर्फीली हवाएं (Cold Winds) मैदानी इलाकों में ठिठुरन बढ़ाएंगी।
होली तक असर: मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार ठंड की विदाई थोड़ी देरी से होगी और फरवरी के अंत तक मौसम सुहावना बना रहेगा।
4. किसानों के लिए विशेष सलाह
अचानक होने वाली बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुँच सकता है।
सिंचाई रोकें: कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे आने वाले 2-3 दिनों तक खेतों में सिंचाई न करें।
फसल सुरक्षा: तैयार फसलों (जैसे सरसों) को सुरक्षित स्थानों पर रखने या ढकने की व्यवस्था करें।