बंगाल में बड़ा सियासी धमाका ,घुसपैठियों को रातों-रात वोटर बना रही है TMC पीएम मोदी का सीधा आरोप
News India Live, Digital Desk: जैसे-जैसे पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, जुबानी जंग तेज हो गई है। राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तो आम बात है, लेकिन आज पीएम मोदी ने मालदा की धरती से जो कहा, उसने पूरे राज्य की सियासत में भूचाल ला दिया है।
सीधे तौर पर कहें तो, पीएम मोदी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी (TMC) पर अब तक का सबसे गंभीर आरोप लगाया है"डेमोग्राफी बदलने का आरोप"।
"रातों-रात घुसपैठियों को वोटर बनाया जा रहा है"
मालदा में उमड़ी भारी भीड़ को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि राज्य में एक बड़ा और खतरनाक खेल चल रहा है। उनका कहना है कि टीएमसी ने अपनी सत्ता बचाने के लिए घुसपैठियों (Infiltrators) को अपना हथियार बना लिया है।
जरा सोचिए, एक तरफ स्थानीय लोग सरकारी सुविधाओं के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, और दूसरी तरफ—पीएम के दावे के मुताबिक—बाहर से आए घुसपैठियों को रातों-रात राशन कार्ड और वोटर आईडी कार्ड बांटे जा रहे हैं।
मोदी ने अपनी ठेठ शैली में कहा, "ये खेल सिर्फ वोट का नहीं है, ये बंगाल के भविष्य को दांव पर लगाने का खेल है। टीएमसी को अपने मूल निवासियों से ज्यादा चिंता अपने 'इंपोर्टेड' वोट बैंक की है।"
तुष्टिकरण का मुद्दा फिर गरमाया
बीजेपी लंबे समय से बंगाल में घुसपैठ के मुद्दे को उठाती रही है। पीएम ने आरोप लगाया कि तुष्टिकरण की राजनीति के चलते राज्य सरकार बॉर्डर इलाकों में जनसांख्यिकी (Demography) बदलाव को नजरअंदाज कर रही है। मतलब साफ है, आरोप है कि कुछ खास वर्ग को खुश करने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा और स्थानीय लोगों के हक को पीछे छोड़ा जा रहा है।
आम जनता के मन में भी हैं सवाल
राजनीति अपनी जगह है, लेकिन मालदा और मुर्शिदाबाद जैसे इलाकों में यह मुद्दा जमीनी हकीकत से भी जुड़ा है। स्थानीय लोगों के मन में भी यह डर है कि अगर संसाधनों का बंटवारा बाहरियों के साथ होगा, तो उनके बच्चों के भविष्य का क्या होगा?
पीएम की इस रैली ने बंगाल चुनाव (2026) का एजेंडा सेट कर दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि ममता दीदी और टीएमसी इन तीखे हमलों का जवाब कैसे देती हैं। क्या यह मुद्दा इस बार चुनाव की दिशा बदल पाएगा?
बहस छिड़ चुकी है और लड़ाई अब सिर्फ मंच की नहीं, बल्कि बंगाल की पहचान बचाने की हो गई है।