सावधान! नकारात्मक बातें करने वाले 'टॉक्सिक' लोग आपको कर सकते हैं वक्त से पहले बूढ़ा, इंटरनेशनल रिसर्च में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

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नई दिल्ली/लाइफस्टाइल डेस्क: क्या आपके ऑफिस, घर या फ्रेंड सर्कल में कुछ ऐसे लोग हैं जो हर वक्त शिकायतें करते हैं, नकारात्मक बातें फैलाते हैं या आपको मानसिक तनाव देते हैं? अगर हां, तो संभल जाइए। यह केवल आपके मूड का मामला नहीं है, बल्कि आपकी उम्र का भी है। एक हालिया अंतरराष्ट्रीय रिसर्च में यह दावा किया गया है कि 'टॉक्सिक' यानी जहरीले रिश्तों और तनाव देने वाले लोगों की संगत आपको अपनी वास्तविक उम्र से पहले ही बूढ़ा बना सकती है। यह शोध प्रतिष्ठित जर्नल 'द प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज' (PNAS) में प्रकाशित हुआ है, जो रिश्तों और सेहत के बीच के गहरे संबंध को उजागर करता है।

जैविक उम्र (Biological Age) पर पड़ता है सीधा असर

रिसर्च के अनुसार, जब कोई व्यक्ति लगातार मानसिक तनाव देने वाले लोगों के बीच रहता है, तो इसका असर उसकी 'बायोलॉजिकल एज' यानी जैविक उम्र पर पड़ता है। इसका सीधा सा मतलब यह है कि भले ही कागजों पर आपकी उम्र 30 साल हो, लेकिन तनाव की वजह से आपका शरीर और दिमाग 35 या 40 साल के व्यक्ति जैसा व्यवहार करने लग सकता है। रिसर्च में चेतावनी दी गई है कि ऐसे माहौल में रहने वाले लोग न केवल जल्दी बूढ़े दिखने लगते हैं, बल्कि उनमें गंभीर बीमारियों की चपेट में आने का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है।

2600 लोगों पर हुई स्टडी, 'हैसलर्स' से बढ़ा खतरा

इस विस्तृत अध्ययन में वैज्ञानिकों ने करीब 2600 लोगों के सामाजिक और व्यक्तिगत रिश्तों का बारीकी से विश्लेषण किया। शोध का मुख्य उद्देश्य यह समझना था कि हमारे आसपास के लोग हमारे शरीर और डीएनए (DNA) को कैसे प्रभावित करते हैं। स्टडी में शामिल लगभग 30 प्रतिशत लोगों ने स्वीकार किया कि उनके जीवन में कम से कम एक ऐसा व्यक्ति जरूर है जो लगातार नकारात्मकता फैलाता है और तनाव का कारण बनता है। शोधकर्ताओं ने ऐसे लोगों को 'हैसलर्स' (Hasslers) नाम दिया है, जो अनजाने में दूसरों की सेहत और उम्र के दुश्मन बने हुए हैं।

डीएनए (DNA) जांच से हुआ उम्र बढ़ने का खुलासा

वैज्ञानिकों ने रिसर्च में शामिल प्रतिभागियों की लार (Saliva) के नमूने लेकर उनके डीएनए की गहन जांच की। इस आधुनिक तकनीक के जरिए यह पता लगाया गया कि किसी व्यक्ति के शरीर के अंदरूनी अंग कितनी तेजी से बूढ़े हो रहे हैं। परिणामों में पाया गया कि जिन लोगों के जीवन में 'हैसलर्स' यानी तनाव देने वाले लोग सक्रिय थे, उनकी जैविक उम्र में 1.5 प्रतिशत तक की अतिरिक्त वृद्धि देखी गई। यह आंकड़ा सुनने में छोटा लग सकता है, लेकिन दीर्घकालिक तौर पर यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता और ऊर्जा को बुरी तरह प्रभावित करता है।

क्यों जल्दी बूढ़ा बना देता है मानसिक तनाव?

गाजियाबाद जिला अस्पताल के मनोरोग विभाग के विशेषज्ञ डॉ. एके विश्वकर्मा के अनुसार, जब कोई हमें लगातार तनाव देता है, तो हमारा मस्तिष्क बार-बार 'फाइट या फ्लाइट' (Fight or Flight) मोड में चला जाता है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर हमेशा किसी अदृश्य खतरे से लड़ने के लिए तैयार रहता है। जब यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो शरीर में तनाव बढ़ाने वाले हार्मोंस का स्तर बढ़ जाता है, जो सीधे तौर पर बुढ़ापे की प्रक्रिया को तेज कर देते हैं। इससे न केवल चेहरे पर झुर्रियां समय से पहले आती हैं, बल्कि शरीर के अंदरूनी तंत्र भी कमजोर होने लगते हैं।

टॉक्सिक लोगों की संगत से होने वाली शारीरिक समस्याएं

अगर आप भी ऐसे लोगों से घिरे हैं, तो आपके शरीर में ये लक्षण दिखाई दे सकते हैं:

लगातार सिरदर्द और भारीपन की शिकायत रहना।

गहरी नींद न आना या रात भर बेचैनी महसूस होना।

पर्याप्त आराम के बाद भी हर समय थकान और ऊर्जा की कमी।

छोटी-छोटी बातों पर चिड़चिड़ापन और गुस्से का आना।

किसी भी काम में एकाग्रता (Focus) की कमी महसूस करना।

पाचन तंत्र का खराब होना और पेट से जुड़ी बार-बार होने वाली समस्याएं।