सिर्फ स्वाद नहीं, सेहत का खजाना है बथुआ, जानिए क्यों सर्दियों में यह आपके लिए है वरदान
News India Live, Digital Desk: आज 31 दिसंबर 2025 है और बाहर कड़ाके की ठंड अपनी रफ़्तार पकड़ रही है। ऐसे मौसम में जब छींक, जुकाम और आलस हमारा पीछा नहीं छोड़ते, तब हमें जरूरत होती है एक ऐसी डाइट की जो अंदर से गर्मी और बाहर से सुरक्षा दे। यहाँ एंट्री होती है बथुए की।
अक्सर खेतों में अपने आप उगने वाला यह पौधा महज़ एक 'खरपतवार' नहीं है, बल्कि पोषण की एक ऐसी पावर-बैंक है जो आपको फिट रखने के लिए काफी है।
1. इम्यूनिटी का नेचुरल बॉडीगार्ड
बथुआ में विटामिन ए, सी और बी-कॉम्प्लेक्स का ऐसा मिश्रण होता है जो आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को कई गुना बढ़ा देता है। जो लोग सर्दी-जुकाम की वजह से बार-बार परेशान रहते हैं, उनके लिए बथुए का साग किसी दवा की तरह काम करता है।
2. खून की कमी होगी दूर
क्या आपको पता है कि बथुआ में पालक से भी बेहतर तरीके से आयरन और फॉस्फोरस पाया जाता है? अगर आपको अक्सर थकान महसूस होती है या शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर कम है, तो बथुआ अपनी डाइट में जरूर जोड़ें। यह न केवल नया खून बनाता है बल्कि शरीर में ऑक्सीजन के बहाव को भी दुरुस्त करता है।
3. पेट की हर समस्या का समाधान
पुराने जमाने के लोग पेट साफ़ रखने के लिए बथुए के जूस या उबले हुए बथुए पर भरोसा करते थे। अगर आप कब्ज (Constipation) या गैस की समस्या से परेशान हैं, तो बथुआ आपके डाइजेस्टिव सिस्टम के लिए 'इरेज़र' (मिटाने वाले) की तरह काम करता है। यह आँतों की गंदगी साफ़ करने में माहिर है।
4. चमकदार स्किन और आंखों की रोशनी
बथुए में मौजूद विटामिन्स आपकी आँखों की सेहत के लिए बेहतरीन हैं। साथ ही, इसके नियमित सेवन से खून साफ होता है, जिसका सीधा असर आपके चेहरे की चमक पर दिखता है। दाग-धब्बे और मुँहासों को कम करने के लिए अंदरूनी सफ़ाई जरूरी है, जो बथुआ बखूबी करता है।
5. वजन घटाने में भी मददगार
बथुए में कैलोरी बहुत कम और फाइबर बहुत ज्यादा होता है। यह आपका पेट देर तक भरा रखता है, जिससे आप फालतू खाने से बच जाते हैं। 2026 में अगर आपने 'वजन कम करने' का संकल्प लिया है, तो अपनी लिस्ट में बथुए को सबसे ऊपर रखें।
खाने का सही तरीका:
वैसे तो बथुए का रायता सबसे ज्यादा लोकप्रिय है, लेकिन आप इसे दाल में मिलाकर (सपैता), पराठों में भरकर या सिंपल साग बनाकर भी खा सकते हैं। बस ध्यान रहे कि इसे बहुत ज्यादा तेल-मसालों में न भूनें, वरना इसके असली पोषक तत्व कम हो जाते हैं।
एक छोटी सी सावधानी
बथुआ की तासीर गर्म होती है, इसलिए इसे सर्दियों के मौसम में ही खाया जाता है। साथ ही, अगर आप गर्भवती हैं या किसी विशेष मेडिकल कंडीशन में हैं, तो सीमित मात्रा में ही इसका सेवन करें।