बांग्लादेश चुनाव सर्वे कौन बनेगा प्रधानमंत्री? तारिक रहमान की वापसी या भारत विरोधी गुट मारेगा बाजी, सर्वे ने चौंकाया
News India Live, Digital Desk: शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद बांग्लादेश अपने सबसे बड़े चुनावी मोड़ पर खड़ा है। 12 फरवरी 2026 को होने वाले मतदान से पहले आए एक बड़े ओपिनियन पोल (EASD सर्वे) ने साफ़ कर दिया है कि जनता का झुकाव किस तरफ है। जहाँ तारिक रहमान की पार्टी BNP मुख्य दावेदार बनकर उभरी है, वहीं 'भारत विरोधी' कट्टरपंथी गुटों की स्थिति पर भी बड़े खुलासे हुए हैं।
सर्वे के नतीजे: कौन है सबसे आगे?
ढाका में जारी ताजा सर्वे के अनुसार, बांग्लादेश की सत्ता की चाबी इस बार बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के हाथों में जाती दिख रही है:
BNP का दबदबा: सर्वे में 66.3% वोटरों ने BNP को अपनी पहली पसंद बताया है। अनुमान है कि BNP नीत गठबंधन 300 में से 208 सीटें जीत सकता है।
महिला वोटरों की पसंद: दिलचस्प बात यह है कि 71.1% महिला वोटरों ने तारिक रहमान की पार्टी का समर्थन किया है।
क्षेत्रीय पकड़: चटोग्राम और सिलहट जैसे इलाकों में BNP को 75% से अधिक समर्थन मिल रहा है।
'भारत विरोधी' गुट और कट्टरपंथियों का क्या है हाल?
चुनावों में भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय रहे कट्टरपंथी और भारत विरोधी गुटों को लेकर भी सर्वे ने स्थिति स्पष्ट की है:
जमात-ए-इस्लामी की स्थिति: शफीकुर्रहमान के नेतृत्व वाले भारत विरोधी गुट और जमात नीत 11-पार्टी गठबंधन को केवल 46 सीटें मिलने का अनुमान है। हालाँकि, बरिशाल और खुलना जैसे क्षेत्रों में इनकी स्थिति अन्य इलाकों की तुलना में बेहतर (करीब 18%) है।
आवामी लीग बाहर: शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग पर प्रतिबंध के कारण वह इस चुनाव से बाहर है, जिसका सीधा फायदा विपक्षी दलों को मिल रहा है।
क्या भारत के लिए बदलेंगे समीकरण?
चुनाव से पहले 'एंटी-इंडिया' बयानबाजी तेज रही है, लेकिन सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि मुख्यधारा के वोटर (विशेषकर युवा और महिलाएं) कट्टरपंथ के बजाय राजनीतिक स्थिरता को तवज्जो दे रहे हैं। भारत उम्मीद कर रहा है कि नई सरकार के साथ द्विपक्षीय संबंधों को 'रीसेट' किया जा सकेगा, हालांकि जमात और अन्य कट्टरपंथी ताकतों का चुनावी प्रदर्शन भारत की सुरक्षा चिंताओं के लिए अहम होगा।