Nuclear Deal : ईरान ने अमेरिका के सामने रखा बड़ा ऑफर कहा पाबंदियां हटाओ, हम यूरेनियम भंडार कम करने को तैयार
News India Live, Digital Desk: दुनिया भर में परमाणु युद्ध और इजराइल-हमास जंग के बीच ईरान ने एक ऐसा बयान दिया है, जो अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बड़ी हलचल पैदा कर सकता है। ईरान ने साफ संकेत दिए हैं कि यदि अमेरिका उस पर लगे तमाम आर्थिक प्रतिबंधों (Sanctions) को पूरी तरह हटा लेता है, तो वह अपने 'संवर्धित यूरेनियम' (Enriched Uranium) के भंडार को कम (Dilute) करने पर विचार कर सकता है।
ईरान की नई कूटनीति: क्या सुलझेगा विवाद?
ईरान के विदेश मंत्रालय और परमाणु ऊर्जा एजेंसी की ओर से आए इस बयान को 'सुलह' की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। ईरान का यह रुख निम्नलिखित कारणों से महत्वपूर्ण है:
यूरेनियम संवर्धन की सीमा: ईरान वर्तमान में 60% शुद्धता तक यूरेनियम संवर्धित कर रहा है, जो परमाणु हथियार बनाने के बेहद करीब है। अब वह इसे वापस घटाने की बात कर रहा है।
अर्थव्यवस्था को ऑक्सीजन की जरूरत: अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण ईरान की अर्थव्यवस्था बदहाल है। तेल निर्यात और अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग से जुड़ी पाबंदियों को हटवाना ईरान की पहली प्राथमिकता है।
IAEA के साथ सहयोग: ईरान ने यह भी संकेत दिया है कि वह अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के निरीक्षकों को अधिक पहुंच देने के लिए तैयार हो सकता है, बशर्ते उसे बदले में ठोस रियायतें मिलें।
अमेरिका और दुनिया पर क्या होगा असर?
अमेरिका में बदलती सत्ता और इजराइल के साथ बढ़ते तनाव के बीच, राष्ट्रपति जो बाइडन और ट्रंप के दृष्टिकोण पर दुनिया की नजर है।
परमाणु हथियार की रेस पर लगाम: यदि यह डील होती है, तो मध्य पूर्व (Middle East) में परमाणु हथियारों की होड़ थम सकती है।
वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें: ईरान से प्रतिबंध हटने का मतलब है वैश्विक बाजार में अधिक कच्चे तेल की आपूर्ति, जिससे तेल की कीमतें कम हो सकती हैं।
विवाद का मुख्य कारण
याद रहे कि 2015 की 'ईरान न्यूक्लियर डील' (JCPOA) से 2018 में डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका को बाहर कर लिया था, जिसके बाद ईरान ने धीरे-धीरे यूरेनियम संवर्धन की सीमा को बढ़ाना शुरू कर दिया था। अब ईरान फिर से पुरानी स्थिति में लौटने की शर्त रख रहा है।