Bangladesh Crisis : क्या मोहम्मद यूनुस बनेंगे बांग्लादेश के अगले राष्ट्रपति? अंतरिम सरकार के बीच सुपर पावर बनने की अटकलें तेज
News India Live, Digital Desk : शेख हसीना के इस्तीफे और देश छोड़ने के बाद बांग्लादेश में सत्ता का वैक्यूम भरने की कोशिशें तेज हो गई हैं। वर्तमान में अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार (Chief Adviser) की जिम्मेदारी संभाल रहे नोबेल पुरस्कार विजेता डॉ. मोहम्मद यूनुस (Muhammad Yunus) को लेकर अब एक नई चर्चा ने जोर पकड़ लिया है। क्या यूनुस अब बांग्लादेश के अगले राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं? ढाका के राजनीतिक गलियारों में यह सवाल इस वक्त सबसे बड़ा है।
मुख्य सलाहकार से राष्ट्रपति तक का सफर?
अगस्त 2024 में तख्तापलट के बाद डॉ. मोहम्मद यूनुस ने देश की कमान संभाली थी। हालांकि, उनका पद 'मुख्य सलाहकार' का है, जो तकनीकी रूप से प्रधानमंत्री के समान शक्तियां रखता है। लेकिन अब संविधान विशेषज्ञों और छात्र आंदोलन के नेताओं के बीच इस बात पर मंथन हो रहा है कि क्या यूनुस को राष्ट्रपति का पद संभाल लेना चाहिए ताकि देश में संवैधानिक स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता और मजबूत हो सके।
यूनुस के पक्ष में क्यों है माहौल?
डॉ. मोहम्मद यूनुस को राष्ट्रपति बनाने के पीछे तीन मुख्य कारण बताए जा रहे हैं:
वैश्विक साख: यूनुस की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छवि एक 'क्लीन' लीडर की है, जिससे विदेशी निवेश और मदद मिलने में आसानी होगी।
छात्रों का भरोसा: बांग्लादेश के छात्र प्रदर्शनकारी, जिन्होंने शेख हसीना सरकार को उखाड़ फेंका, यूनुस को अपना मार्गदर्शक मानते हैं।
संवैधानिक संकट का समाधान: वर्तमान राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन को लेकर प्रदर्शनकारियों में नाराजगी है। उन्हें हटाने की मांग के बीच यूनुस एक सर्वसम्मत विकल्प हो सकते हैं।
राष्ट्रपति शहाबुद्दीन का क्या होगा?
वर्तमान राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन के इस्तीफे की मांग लंबे समय से हो रही है। उन पर आरोप है कि वे शेख हसीना के करीबी रहे हैं। यदि वे इस्तीफा देते हैं या उन्हें हटाया जाता है, तो कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में डॉ. यूनुस का नाम सबसे ऊपर है। हालांकि, इसके लिए बांग्लादेश के संविधान में कुछ जटिल संशोधनों की आवश्यकता पड़ सकती है।
चुनौतियां भी कम नहीं
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यूनुस राष्ट्रपति बनते हैं, तो उन्हें सक्रिय राजनीति से ऊपर उठकर काम करना होगा। विपक्षी दल जैसे बीएनपी (BNP) जल्द से जल्द चुनाव चाहते हैं। ऐसे में यूनुस का राष्ट्रपति बनना चुनाव की तारीखों को और आगे बढ़ा सकता है, जिससे राजनीतिक दलों में असंतोष पैदा होने का डर है।