BREAKING:
March 24 2026 02:43 am

Assam Politics : चुनाव से पहले कांग्रेस पस्त प्रद्युत बोरदोलोई भाजपा में शामिल, बेटे प्रतीक ने भी मार्गेरिटा से वापस लिया नाम

Post

News India Live, Digital Desk : असम में 9 अप्रैल 2026 को होने वाले मतदान से ठीक पहले कांग्रेस के दो बड़े स्तंभ ढह गए हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री और नगांव सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी में "अपमान" का आरोप लगाते हुए कांग्रेस का 50 साल पुराना साथ छोड़ दिया और भाजपा का दामन थाम लिया। इसके तुरंत बाद उनके बेटे ने भी चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है।

1. प्रतीक बोरदोलोई का इस्तीफा (Withdrawal of Candidacy)

वजह: प्रतीक ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को लिखे पत्र में कहा कि उनके पिता के भाजपा में जाने के बाद उनका कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ना "नैतिक रूप से सही नहीं" होगा।

भ्रम से बचाव: उन्होंने कहा कि यदि वे चुनाव लड़ते हैं, तो मार्गेरिटा के मतदाताओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच उनकी प्रतिबद्धता (Commitment) को लेकर भ्रम पैदा होगा।

पार्टी के प्रति वफादारी: हालांकि प्रतीक ने उम्मीदवारी वापस ले ली है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अभी भी कांग्रेस के आदर्शों में विश्वास रखते हैं और पार्टी के एक साधारण कार्यकर्ता के रूप में काम करते रहेंगे।

2. प्रद्युत बोरदोलोई का भाजपा में जाना (The Father's Switch)

अपमान का आरोप: प्रद्युत ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के भीतर उन्हें हाशिए पर धकेला जा रहा था और टिकट बंटवारे को लेकर प्रदेश नेतृत्व (विशेषकर गौरव गोगोई) के साथ उनके गहरे मतभेद थे।

भाजपा की रणनीति: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने प्रद्युत का स्वागत करते हुए कहा कि उनके आने से भाजपा और मजबूत होगी। भाजपा उन्हें दिसपुर (Dispur) विधानसभा सीट से अपना उम्मीदवार बना सकती है।

संसदीय सदस्यता: प्रद्युत ने अपनी लोकसभा सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है, जबकि उनके कार्यकाल के अभी 3 साल शेष थे।

3. असम चुनाव 2026 की ताजा स्थिति

मतदान: 9 अप्रैल 2026 (सभी 126 सीटों पर एक चरण में)।

नतीजे: 4 मई 2026।

कांग्रेस का संकट: एक महीने के भीतर असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा और अब प्रद्युत बोरदोलोई का भाजपा में जाना पार्टी के लिए "अस्तित्व का संकट" पैदा कर रहा है।