यूपी को नई सौगात: बाराबंकी से बहराइच के बीच बनेगा 101 KM लंबा 4-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे, ₹6969 करोड़ की मंजूरी
नई दिल्ली/लखनऊ: उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय कैबिनेट ने बाराबंकी से बहराइच के बीच एक नए शानदार 4-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड नेशनल हाईवे (NH-927) के निर्माण को हरी झंडी दे दी है। 101.515 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट से न केवल अवध और तराई क्षेत्र के बीच की दूरी कम होगी, बल्कि व्यापार और पर्यटन को भी नई गति मिलेगी।
NH-927: प्रोजेक्ट की मुख्य बातें और लागत
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट ब्रीफिंग में इस महत्वाकांक्षी परियोजना की घोषणा की:
कुल लंबाई: 101.515 किलोमीटर।
अनुमानित लागत: ₹6,969.04 करोड़।
मोड: यह हाईवे हाइब्रिड एन्युइटी मोड (HAM) पर बनाया जाएगा, जिससे निर्माण की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित होगी।
कनेक्टिविटी: यह बाराबंकी को सीधे बहराइच से जोड़ेगा, जिससे नेपाल सीमा तक पहुंचना और भी आसान हो जाएगा।
क्या है 'एक्सेस-कंट्रोल्ड' हाईवे और इसके फायदे?
आम सड़कों के विपरीत, एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे एक बंद कॉरिडोर की तरह होते हैं।
सीमित प्रवेश-निकास: इन पर वाहन केवल निर्धारित एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स से ही चढ़ या उतर सकते हैं। बीच में कहीं से भी सीधे प्रवेश की अनुमति नहीं होती।
रफ़्तार और सुरक्षा: चूंकि बीच में कोई अचानक आने वाला ट्रैफिक या मवेशी नहीं होते, इसलिए वाहनों की गति स्थिर रहती है और दुर्घटनाओं का खतरा न्यूनतम हो जाता है।
ईंधन की बचत: ब्रेक कम लगने और सिग्नल-फ्री होने के कारण वाहनों के ईंधन की भारी बचत होती है।
[Image showing the route map of Barabanki-Bahraich National Highway NH-927 and its connectivity]
कैबिनेट के दो अन्य बड़े फैसले: किसान और उद्योग के लिए खुशखबरी
नेशनल हाईवे के अलावा, सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था और औद्योगिक विकास को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं:
1. कपास किसानों को ₹1,718 करोड़ की एमएसपी मदद
कॉटन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (CCI) के लिए ₹1,718.56 करोड़ की फंडिंग को मंजूरी दी गई है। यह राशि 2023-24 के सीजन के दौरान कपास किसानों को दिए गए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के घाटे की भरपाई के लिए दी गई है। इससे किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित होगा।
2. 'भव्य' (BHAVYA) योजना: 100 नए इंडस्ट्रियल पार्क
केंद्र सरकार ने भारत औद्योगिक विकास योजना (BHAVYA) को मंजूरी दी है।
बजट: ₹33,660 करोड़।
लक्ष्य: देश भर में 100 ऐसे अत्याधुनिक इंडस्ट्रियल पार्क बनाना, जहां बुनियादी सुविधाएं पहले से मौजूद हों।
फायदा: कंपनियां बिना किसी प्रशासनिक झंझट (Red Tapism) के सीधे अपनी फैक्ट्रियां लगा सकेंगी, जिससे 'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा मिलेगा और लाखों युवाओं को रोजगार मिलेगा।