Sarke Chunar Teri Controversy: नोरा फतेही के नए गाने पर भारी बवाल! मुस्लिम संगठनों ने जारी किया फतवा, महिला आयोग ने संजय दत्त और नोरा को किया तलब
अलीगढ़/नई दिल्ली। बॉलीवुड की डांसिंग क्वीन नोरा फतेही और दिग्गज अभिनेता संजय दत्त का हालिया रिलीज गाना ‘सरके चुनर तेरी’ विवादों के भंवर में फंस गया है। गाने के बोल और डांस स्टेप्स को 'अश्लील' बताते हुए जहां एक ओर धार्मिक संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी कड़ा रुख अपनाया है। विवाद इतना बढ़ गया है कि अलीगढ़ के मुस्लिम पर्सनल दारुल इफ्ता ने नोरा फतेही के खिलाफ फतवा तक जारी कर दिया है। चौतरफा घिरने के बाद मेकर्स ने इस आइटम नंबर को यूट्यूब से हटा लिया है, लेकिन कानूनी शिकंजा अभी भी कसता जा रहा है।
दारुल इफ्ता का फतवा: 'समाज के लिए हराम और हानिकारक'
अलीगढ़ के मौलाना चौधरी इफ्राहीम हुसैन ने गाने की सामग्री को नैतिक मूल्यों के खिलाफ बताया है। शाही चीफ मुफ्ती ने साफ शब्दों में कहा कि इस तरह के अश्लील कंटेंट का हिस्सा बनना 'हराम' है और यह युवाओं को गलत दिशा में ले जा रहा है। उन्होंने जनता से इस गाने के बहिष्कार की अपील की है। संगठनों का तर्क है कि मनोरंजन के नाम पर संस्कृति और मर्यादा के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
महिला आयोग का नोटिस: 24 मार्च को पेश होने का आदेश
राष्ट्रीय महिला आयोग ने गाने में मौजूद 'यौन संकेतों' और आपत्तिजनक सामग्री का संज्ञान लेते हुए नोरा फतेही, संजय दत्त, गीतकार रकीब आलम, और निर्देशक किरण कुमार समेत पूरी टीम को नोटिस भेजा है। आयोग ने सभी आरोपितों को 24 मार्च को दोपहर 12:30 बजे व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए तलब किया है। चेतावनी दी गई है कि यदि वे नियत समय पर हाजिर नहीं होते, तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मानवाधिकार आयोग और साइबर सेल तक पहुंची शिकायत
विवाद केवल महिला आयोग तक सीमित नहीं है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता और अधिवक्ता विनीत जिंदल ने दिल्ली पुलिस की साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराते हुए मांग की है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर ऐसे 'डबल मीनिंग' गानों पर तुरंत रोक लगाई जाए। उनका आरोप है कि यह गाना बच्चों और आम जनता के मानसिक स्वास्थ्य के लिए अनुपयुक्त है।
नोरा फतेही की सफाई: 'मुझे अंधेरे में रखा गया'
चारों तरफ से आलोचना झेलने के बाद नोरा फतेही ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा है। नोरा का दावा है कि इस गाने की शूटिंग तीन साल पहले कन्नड़ वर्जन के लिए हुई थी और उन्हें हिंदी वर्जन के विवादित बोलों की पूरी जानकारी नहीं थी। उन्होंने मेकर्स पर धोखा देने और AI (Artificial Intelligence) के जरिए आपत्तिजनक पोस्टर बनाने का आरोप लगाया है। नोरा ने कहा, "मुझे पता था कि यह थोड़ा अलग लगेगा, लेकिन इतना भद्दा होगा, इसका अंदाजा नहीं था। फैंस की आलोचना के लिए मैं उनकी शुक्रगुजार हूं।"
मनोरंजन जगत में नैतिकता बनाम अभिव्यक्ति की आजादी
इस विवाद ने एक बार फिर बॉलीवुड में 'क्रिएटिव फ्रीडम' और 'सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी' के बीच की बहस को छेड़ दिया है। जहां एक वर्ग इसे अभिव्यक्ति की आजादी मान रहा है, वहीं सामाजिक संगठनों का कहना है कि कला के नाम पर अश्लीलता परोसने की छूट किसी को नहीं दी जा सकती। फिलहाल, गाने के लेखक ने भी यह कहकर पल्ला झाड़ लिया है कि यह कन्नड़ बोलों का सीधा अनुवाद मात्र था।