Assam Panchayat Election : सबसे कम उम्र की प्रत्याशी कुनकी चौधरी को पुलिस का समन, इस मामले में बढ़ीं मुश्किलें
News India Live, Digital Desk: असम की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब राज्य की सबसे युवा प्रत्याशी कुनकी चौधरी को पुलिस ने समन जारी कर तलब किया। पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच पुलिस की इस कार्रवाई ने सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। कुनकी चौधरी, जो अपनी कम उम्र और सक्रियता के चलते सुर्खियों में बनी हुई थीं, अब कानूनी पेचीदगियों में फंसती नजर आ रही हैं। पुलिस द्वारा जारी इस नोटिस के बाद समर्थकों में रोष है, वहीं विपक्ष इसे चुनावी रणनीति का हिस्सा बता रहा है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, कुनकी चौधरी को यह समन एक पुराने विवाद या कथित उल्लंघन के मामले में जारी किया गया है। हालांकि पुलिस ने अभी तक स्पष्ट रूप से आरोपों का खुलासा नहीं किया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि यह मामला आदर्श आचार संहिता या किसी प्रशासनिक नियम के उल्लंघन से जुड़ा हो सकता है। पुलिस ने उन्हें एक निश्चित समय सीमा के भीतर संबंधित थाने में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है।
युवा प्रत्याशी की बढ़ीं मुश्किलें
कुनकी चौधरी ने बहुत ही कम समय में असम के युवाओं और स्थानीय लोगों के बीच अपनी पैठ बनाई है। एक युवा चेहरा होने के नाते उनसे काफी उम्मीदें जताई जा रही थीं। लेकिन ऐन चुनाव से पहले पुलिसिया कार्रवाई ने उनके प्रचार अभियान को तगड़ा झटका दिया है। कुनकी के करीबियों का कहना है कि यह उन्हें बदनाम करने और चुनाव से रोकने की एक सोची-समझी साजिश है, जबकि पुलिस इसे केवल एक नियमित कानूनी प्रक्रिया बता रही है।
सियासी बयानबाजी हुई तेज
इस घटनाक्रम के बाद असम में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। स्थानीय नेताओं का कहना है कि सत्ता पक्ष युवाओं की आवाज को दबाने के लिए प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग कर रहा है। दूसरी ओर, प्रशासन का तर्क है कि कानून सबके लिए बराबर है और जांच में सहयोग करना हर नागरिक का कर्तव्य है। अब देखना यह होगा कि कुनकी चौधरी पुलिस के सामने क्या स्पष्टीकरण देती हैं और इस मामले का उनके चुनावी भविष्य पर क्या असर पड़ता है।