पटना के बाद अब मुजफ्फरपुर का नंबर? एमएलसी बृजवासी की इस मांग ने मचाया बिहार की सियासत में तहलका
News India Live, Digital Desk : मुजफ्फरपुर को हमेशा से उत्तर बिहार का द्वार माना जाता रहा है। व्यापार हो, शिक्षा हो या चिकित्सा, आस-पास के कई जिलों के लोग इसी शहर पर निर्भर हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए एमएलसी बृजवासी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने एक ऐसी मांग रख दी है, जिसने आम जनता के साथ-साथ सरकार को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है। उनकी मांग है कि मुजफ्फरपुर को बिहार की उपराजधानी (Sub-capital) घोषित किया जाए।
दरअसल, इसके पीछे की सोच यह है कि बिहार के लोगों को छोटे-छोटे कामों के लिए हर बार राजधानी पटना की दौड़ न लगानी पड़े। बृजवासी जी का तर्क है कि अगर मुजफ्फरपुर उपराजधानी बनता है, तो वहां कई मंत्रालयों के दफ्तर खुलेंगे, जिससे विकास की रफ्तार तेज होगी। सिर्फ इतना ही नहीं, उन्होंने एक और अहम मुद्दा उठाया है मुजफ्फरपुर में हाईकोर्ट की एक स्थायी बेंच स्थापित करना।
सोचिए, मुजफ्फरपुर और उसके आस-पास के सीतामढ़ी, शिवहर या चंपारण के लोगों को वकील और कानूनी काम के लिए घंटों सफर कर पटना जाना पड़ता है। अगर कोर्ट की बेंच यहीं आ जाए, तो समय और पैसा दोनों की बचत होगी। यह मांग कोई आज की नहीं है, लेकिन इस बार इसे जिस मजबूती से रखा गया है, उससे लग रहा है कि मामला दूर तक जाएगा।
बृजवासी जी का कहना है कि जब देश के दूसरे बड़े राज्यों में दो-दो राजधानियां या हाईकोर्ट की कई बेंच हो सकती हैं, तो फिर बिहार में ऐसा क्यों नहीं हो सकता? मुजफ्फरपुर का अपना ऐतिहासिक और भौगोलिक महत्व है और उपराजधानी बनने से इस शहर का नक्शा ही बदल जाएगा।
सोशल मीडिया पर लोग भी अपनी-अपनी राय दे रहे हैं। कुछ लोगों को लग रहा है कि ये मुजफ्फरपुर की तकदीर बदल देने वाला कदम होगा, तो कुछ इसे एक बड़ी राजनीतिक चाल के रूप में देख रहे हैं। आपका इस बारे में क्या सोचना है? क्या आपको लगता है कि पटना के बोझ को कम करने के लिए मुजफ्फरपुर को बिहार का 'दूसरा पावर सेंटर' बनाना सही फैसला होगा?