महाराष्ट्र नतीजों के बाद कंगना रनौत का उद्धव ठाकरे पर सबसे करारा वार न घर बचा, न सत्ता

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News India Live, Digital Desk: कहते हैं न कि "वक्त से बड़ा कोई बादशाह नहीं होता", यह कहावत आज महाराष्ट्र की राजनीति में बिल्कुल सटीक बैठती दिख रही है। आपको याद होगा वो दौर जब मुंबई में बीएमसी (BMC) का बुलडोजर कंगना रनौत के ऑफिस पर चला था। उस वक्त कंगना ने रोते हुए और गुस्से में एक बात कही थी कि "आज मेरा घर टूटा है, कल तेरा घमंड टूटेगा।"

आज जब महाराष्ट्र चुनावों के नतीजे आए और बीजेपी गठबंधन (महायुति) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की, तो कंगना रनौत के लिए यह मौका सिर्फ जश्न का नहीं, बल्कि 'हिसाब बराबर' करने का बन गया।

पुराने जख्म और नया वार

जैसे ही चुनावी नतीजे साफ हुए और यह तय हो गया कि उद्धव ठाकरे के गुट को बड़ा झटका लगा है, कंगना रनौत ने बिना देर किए अपनी बात रखी। सोशल मीडिया पर उनकी प्रतिक्रिया देखकर ऐसा लगा जैसे वो बरसों से इस पल का इंतजार कर रही थीं। उन्होंने साफ शब्दों में इशारा किया कि जिन्होंने एक औरत के सम्मान और उसके घर को चोट पहुंचाई थी, आज जनता ने उन्हें ही सत्ता से बेदखल कर दिया है।

कंगना ने किसी का नाम तो नहीं लिया, लेकिन उनका निशाना सीधा उद्धव ठाकरे और उनकी पार्टी की तरफ था। उनका कहना था कि जो लोग महिलाओं का सम्मान करना नहीं जानते, जो 'नारी द्वेषी' (Women haters) हैं, उनके साथ ऐसा ही होता है।

यह सिर्फ जीत नहीं, 'काव्यिक न्याय' है

कंगना ने इस जीत को अपनी निजी जीत की तरह देखा। उन्होंने इसे "Poetic Justice" कहा। आम भाषा में समझें तो इसका मतलब है- जिसके साथ जो होना चाहिए था, कुदरत ने वही किया। लोगों को वो मंज़र याद आ गया जब कंगना अकेली पूरी सरकार के खिलाफ खड़ी थीं।

बीजेपी की यह प्रचंड जीत कंगना के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि यह उसी गठबंधन की जीत है, जिसका समर्थन करने की वजह से उन्हें आलोचना और कार्यवाही का सामना करना पड़ा था। कंगना का यह अंदाज बता रहा है कि वो बीती बातें भूली नहीं हैं।

राजनीति में हार-जीत तो चलती रहती है, लेकिन कंगना रनौत का यह अंदाज बताता है कि "स्रियों का अपमान" और "टूटे हुए घर की आह" कभी खाली नहीं जाती। अब सोशल मीडिया पर लोग कंगना के पुराने वीडियो शेयर कर रहे हैं और कह रहे हैं वाकई, वक्त का पहिया गोल है और यह सबके पास घूमकर आता है।