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April 14 2026 02:50 am

IIT Bombay से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग, फिर संन्यास और अब शादी! 'IIT बाबा' अभय सिंह ने शुरू किया गृहस्थ जीवन, जानें कौन है उनकी हमसफर?

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धर्मशाला/हिसार | अपनी मेधावी बुद्धि और आध्यात्मिक आभा से दुनिया को हैरान करने वाले 'IIT बाबा' यानी अभय सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं। प्रयागराज महाकुंभ 2025 में अपनी धाराप्रवाह अंग्रेजी और रुद्राक्ष धारी स्वरूप से करोड़ों लोगों का ध्यान खींचने वाले अभय सिंह ने अब वैराग्य की राह छोड़कर गृहस्थ जीवन अपनाने का बड़ा फैसला लिया है। संन्यास से संसार की ओर लौटने का उनका यह कदम सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।

महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर रचाई शादी, अघंजर महादेव बने साक्षी

अभय सिंह ने अपनी नई जिंदगी की शुरुआत के लिए महाशिवरात्रि (15 फरवरी 2026) का शुभ दिन चुना। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध अघंजर महादेव मंदिर में अपनी मंगेतर प्रतीका के साथ सात फेरे लिए। उनकी पत्नी प्रतीका कर्नाटक के बेंगलुरु की रहने वाली हैं और पेशे से एक इंजीनियर हैं। फिलहाल यह नवविवाहित जोड़ा धर्मशाला की शांत वादियों में अपनी नई पारी की शुरुआत कर रहा है।

हिसार में हुआ बहू का भव्य स्वागत, मां की आंखों में छलके आंसू

शादी के बाद अभय सिंह अपनी पत्नी के साथ अपने पैतृक निवास हिसार पहुंचे। वर्षों तक भगवा वस्त्रों में रहने वाले बेटे को दूल्हे के रूप में देखकर मां शीला देवी भावुक हो गईं। परिवार ने ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ बहू प्रतीका का स्वागत किया। लंबे समय तक परिवार से दूर रहकर आध्यात्मिक खोज में जुटे अभय के लिए यह घर वापसी किसी उत्सव से कम नहीं थी।

एयरोस्पेस इंजीनियरिंग से दर्शनशास्त्र तक का अनोखा सफर

अभय सिंह की कहानी किसी फिल्मी पटकथा जैसी है। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIT बॉम्बे से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और विदेश में शानदार नौकरी भी की। हालांकि, सुकरात (Socrates) और प्लेटो (Plato) जैसे महान दार्शनिकों के विचारों ने उन्हें जीवन के गहरे अर्थ खोजने पर मजबूर कर दिया। इसी खोज में उन्होंने लग्जरी लाइफ छोड़कर संन्यास का कठिन रास्ता चुना था, जिसने उन्हें 'IIT बाबा' के रूप में नई पहचान दी।

अब 'सनातन यूनिवर्सिटी' के मिशन पर साथ चलेगा यह जोड़ा

पत्नी प्रतीका के अनुसार, अभय के साथ उनकी मुलाकात करीब एक साल पहले हुई थी। दोनों की विचारधारा और अध्यात्म के प्रति लगाव ने उन्हें एक-दूसरे के करीब लाया। अब यह जोड़ा न केवल पारिवारिक जिम्मेदारी निभाएगा, बल्कि मिलकर सनातन संस्कृति का प्रचार-प्रसार भी करेगा। उनकी भविष्य की योजनाओं में एक “सनातन यूनिवर्सिटी” की स्थापना करना शामिल है, जहां आधुनिक शिक्षा और प्राचीन संस्कारों का संगम होगा।