पुखराज पहनने के फायदे और नुकसान इन 6 राशियों के लिए खतरनाक हो सकता है यह रत्न, पहनने से पहले जान लें नियम
News India Live, Digital Desk: रत्न शास्त्र (Gemology) में पुखराज (Yellow Sapphire) को सबसे शक्तिशाली और शुभ रत्नों में से एक माना गया है। देवगुरु बृहस्पति का प्रतिनिधि रत्न होने के कारण यह सुख, समृद्धि, ज्ञान और सौभाग्य का प्रतीक है। हालांकि, जितना यह रत्न लाभकारी है, उतना ही यह गलत तरीके से पहनने पर नुकसानदेह भी हो सकता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 6 विशेष राशियां ऐसी हैं जिन्हें पुखराज पहनने से पहले अपनी कुंडली का गहन विश्लेषण जरूर कराना चाहिए, अन्यथा यह विपरीत परिणाम दे सकता है।
पुखराज पहनने के चमत्कारी लाभ
गुरु ग्रह को जीवन में विस्तार और शुभता का कारक माना जाता है। सही विधि से पुखराज धारण करने पर निम्नलिखित लाभ मिल सकते हैं:
आर्थिक उन्नति: यह रत्न धन के आगमन के नए मार्ग खोलता है और रुके हुए कार्यों में सफलता दिलाता है।
विवाह में आ रही बाधा: यदि किसी कन्या के विवाह में देरी हो रही है, तो पुखराज धारण करने से शीघ्र विवाह के योग बनते हैं।
मानसिक स्पष्टता और ज्ञान: विद्यार्थी और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए यह एकाग्रता और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ाता है।
स्वास्थ्य लाभ: पुखराज लीवर, पाचन तंत्र और पीलिया जैसी बीमारियों में राहत प्रदान करने में सहायक माना जाता है।
इन 6 राशियों को रहना चाहिए सावधान
पुखराज हर किसी के लिए शुभ नहीं होता। ज्योतिष के अनुसार, गुरु और अन्य ग्रहों की शत्रुता के कारण इन राशियों को इसे पहनने से बचना चाहिए:
वृषभ (Taurus): इस राशि का स्वामी शुक्र है, जिसकी गुरु से शत्रुता मानी जाती है। पुखराज पहनने से खर्चे और स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ सकती हैं।
मिथुन (Gemini): बुध की इस राशि के लिए गुरु मारक ग्रह हो सकता है। इसे पहनने से पारिवारिक विवाद की स्थिति बन सकती है।
कन्या (Virgo): बुध और गुरु का तालमेल न बैठने के कारण कन्या राशि वालों को पुखराज पहनने पर कार्यों में रुकावट का सामना करना पड़ सकता है।
तुला (Libra): शुक्र की इस राशि के लिए पुखराज अनुकूल नहीं माना जाता। यह आपके सौभाग्य में बाधा डाल सकता है।
मकर (Capricorn): शनि की इस राशि के लिए गुरु बारहवें और तीसरे भाव का स्वामी होता है, जिससे यह रत्न संघर्ष बढ़ा सकता है।
कुंभ (Aquarius): कुंभ राशि वालों के लिए भी पुखराज मानसिक तनाव और धन हानि का कारण बन सकता है।
पुखराज धारण करने के अनिवार्य नियम (2026 गाइड)
यदि आपकी कुंडली में गुरु शुभ है, तो इसे धारण करते समय इन नियमों का पालन करें:
धातु: पुखराज को हमेशा सोने (Gold) या पंचधातु की अंगूठी में ही पहनना चाहिए।
दिन और समय: इसे गुरुवार के दिन सूर्योदय के समय पहनना सबसे उत्तम है।
उंगली: पुखराज हमेशा दाहिने हाथ की तर्जनी उंगली (Index Finger) में धारण किया जाना चाहिए।
शुद्धिकरण: अंगूठी पहनने से पहले उसे गंगाजल और कच्चे दूध से शुद्ध करें और "ॐ बृं बृहस्पतये नमः" मंत्र का 108 बार जाप करें।
पुखराज असली है या नकली? ऐसे करें पहचान
बाजार में कांच के बने नकली पुखराज बहुत मिलते हैं। असली पुखराज की पहचान यह है कि यह हाथ में लेने पर थोड़ा वजनदार महसूस होता है। इसे धूप में रखने पर इसमें से पीली किरणें निकलती दिखाई देती हैं और यह अंदर से बिल्कुल पारदर्शी और रेशेदार नहीं होता।