कायदे-कानून से बड़ा इंसान का दिल कोर्ट में जब मर्यादा भूली महिला, तो जज ने सजा नहीं सराहना दी
News India Live, Digital Desk: अदालत का नाम सुनते ही हमारे दिमाग में एक ऐसी जगह की तस्वीर उभरती है जहाँ बहुत ही संजीदगी और अनुशासन होता है। खासतौर पर जब बात देश की सबसे बड़ी अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट की हो, तो वहां का शिष्टाचार और भी सख्त हो जाता है। "माई लॉर्ड", "योर ऑनर" या "लॉर्डशिप"—वकील और याचिकाकर्ता इन्ही भारी-भरकम शब्दों का इस्तेमाल जजों के लिए करते हैं। लेकिन हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में कुछ ऐसा हुआ जिसने सबको हैरान भी किया और एक खूबसूरत सीख भी दे दी।
क्या हुआ जब मर्यादा की सीमा टूटी?
दरअसल, सुनवाई के दौरान एक महिला ने अपनी बात रखते हुए कोर्ट की पुरानी परंपरा को दरकिनार कर दिया। भावुकता में या फिर शायद बोलचाल की आदत की वजह से, उसने जजों को "माई लॉर्ड" के बजाय "You Guys" (यू गाइज) कहकर संबोधित कर दिया। जैसे ही यह शब्द कोर्ट रूम में गूँजे, वहाँ मौजूद वकीलों और लोगों की सांसें मानों अटक गईं। सबको लगा कि जज साहब अब नाराजगी जाहिर करेंगे।
जस्टिस विक्रम नाथ का 'बड़ा दिल'
आम तौर पर अदालती अपमान या अनुशासनहीनता पर जज सख्त रुख अपनाते हैं, लेकिन यहाँ दृश्य बिल्कुल अलग था। बेंच में मौजूद जस्टिस विक्रम नाथ ने इस पर नाराजगी जताने के बजाय बेहद संवेदनशीलता दिखाई। उन्होंने समझा कि वह महिला कानून की पेचीदगियों और भारी-भरकम शब्दों से वाकिफ नहीं है। वह एक आम नागरिक की तरह अपनी पीड़ा लेकर आई थी।
जस्टिस नाथ ने बड़ी उदारता दिखाते हुए मामले को हंसी-मजाक या डांट-फटकार में बदलने के बजाय शांति से सुनवाई जारी रखी। उनकी इस सहजता ने न सिर्फ उस महिला का तनाव कम किया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि न्याय का मंदिर शब्दों से नहीं, बल्कि सही भावना से चलता है।
अदालत का नया चेहरा
अक्सर सुप्रीम कोर्ट के जजों को लेकर आम जनता में यह धारणा होती है कि वे बहुत दूर और सख्त होते हैं। लेकिन इस एक घटना ने दिखाया कि बेंच पर बैठे जज भी आखिर इंसान हैं और वे स्थितियों को बहुत बारीकी से समझते हैं। कानून का मकसद सिर्फ सजा देना या टोकना नहीं है, बल्कि एक आम इंसान को सहज होकर अपनी बात कहने का मौका देना भी है।
आज सोशल मीडिया पर लोग जस्टिस विक्रम नाथ की इस 'दरियादिली' की जमकर तारीफ कर रहे हैं। आखिर में, कानून की इज्जत सिर्फ उसके सलीकों में नहीं, बल्कि उसके जजों की इंसानियत में भी बसती है।