पूजा से पहले मुफ्त राशन के साथ मिलेंगे ₹1000? जानें इस खबर की पूरी सच्चाई

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त्योहारों का मौसम आते ही उम्मीदें और अफवाहें, दोनों ही तेजी से फैलने लगती हैं। दुर्गा पूजा के ठीक पहले, पश्चिम बंगाल में कई लोगों के बीच एक खबर आग की तरह फैल रही है - कि इस बार राशन कार्ड धारकों को मुफ्त राशन के साथ-साथ ₹1000 नकद भी मिलेंगे। यह सुनकर कई लोग खुशी-खुशी अपनी नजदीकी राशन की दुकान पर भी पहुँच रहे हैं।

लेकिन क्या यह खबर सच है? क्या वाकई सरकार पूजा के तोहफे के तौर पर पैसे दे रही है? और अगर हाँ, तो यह पैसा किसे और कैसे मिलेगा? चलिए, आज इस उलझन को दूर करते हैं और जानते हैं कि इस बात में कितनी सच्चाई है।

क्या है पश्चिम बंगाल की मुफ्त राशन योजना?

सबसे पहले, यह जान लें कि पश्चिम बंगाल में मुफ्त राशन देने की योजना बिल्कुल सच है और यह अक्टूबर 2025 तक जारी है। इस योजना के तहत लाखों गरीब परिवारों को खाद्य सुरक्षा मिलती है। आपके पास जैसा कार्ड है, उस हिसाब से आपको हर महीने चावल और गेहूं मिलता है:

  • अंत्योदय अन्न योजना कार्ड: इस पर हर परिवार को 35 किलो अनाज मिलता है।
  • प्राथमिकता और विशेष प्राथमिकता कार्ड: इन पर हर व्यक्ति को 5 किलो अनाज मिलता है।
  • राज्य खाद्य सुरक्षा योजना-1: इस पर हर व्यक्ति को 5 किलो चावल मिलता है।
  • राज्य खाद्य सुरक्षा योजना-2: इस पर 2 किलो अनाज मिलता है।

यह योजना बिना किसी रुकावट के चल रही है, लेकिन सरकारी दस्तावेजों में कहीं भी राशन के साथ ₹1000 देने की कोई नई घोषणा नहीं की गई है।

तो फिर ₹1000 वाली खबर कहाँ से आई?

अब आते हैं सबसे बड़े सवाल पर। अगर पश्चिम बंगाल में ऐसी कोई घोषणा नहीं हुई, तो यह खबर फैली कैसे?

दरअसल, यह खबर सच है, लेकिन पश्चिम बंगाल के लिए नहीं। यह भ्रम इसलिए पैदा हुआ क्योंकि कई ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टल्स और सोशल मीडिया पोस्ट्स ने खबर तो छापी, लेकिन यह नहीं बताया कि यह योजना किस राज्य की है।

  • ओडिशा सरकार ने जुलाई में अपने अंत्योदय अन्न योजना के कार्डधारकों को ₹1000 देने की घोषणा की थी।
  • इसके बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने भी अपने लगभग 15,000 बीपीएल परिवारों को हर महीने ₹1000 देने का ऐलान किया था।

इन्हीं खबरों को पश्चिम बंगाल के कुछ मीडिया पोर्टल्स ने बिना पूरी जानकारी के प्रकाशित कर दिया, जिससे लोगों को लगा कि यह तोहफा उन्हें पूजा के लिए मिल रहा है।

तो सीधी और साफ बात यह है कि...

पश्चिम बंगाल में राशन कार्ड धारकों को मुफ्त राशन तो मिल रहा है, लेकिन उसके साथ ₹1000 नकद नहीं दिए जा रहे हैं।

हाँ, यह सच है कि पश्चिम बंगाल सरकार कई दूसरी योजनाओं के तहत महिलाओं, किसानों और बुजुर्गों को आर्थिक मदद देती है, जैसे:

  • लक्ष्मी भंडार योजना: जिसमें महिलाओं को हर महीने भत्ता मिलता है।
  • कृषक बंधु योजना, विधवा भत्ता और वृद्धावस्था भत्ता: ये कुछ अन्य योजनाएँ हैं जिनके तहत सीधे बैंक खाते में पैसे भेजे जाते हैं, लेकिन इनका संबंध सीधे राशन कार्ड से नहीं है।

तो अगली बार जब आप राशन की दुकान पर जाएं, तो अपना मुफ्त राशन जरूर लें, लेकिन ₹1000 वाली खबर को एक अफवाह समझकर नजरअंदाज कर दें।

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