गुड्डू मुस्लिम पर योगी पुलिस का डबल अटैक फरारी तो काट रहे हो, पर अब घर भी नहीं बचा
News India Live, Digital Desk : उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का 'हंटर' रुकने का नाम नहीं ले रहा है। आपको उमेश पाल हत्याकांड तो याद ही होगा, जिसने पूरे यूपी को हिला कर रख दिया था। उस कांड के मुख्य आरोपी अतीक अहमद और अशरफ तो अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके जो गुर्गे अभी तक फरार चल रहे हैं, पुलिस ने उनका जीना मुहाल कर दिया है।
ताज़ा खबर प्रयागराज से है, जहाँ पुलिस ने अतीक गैंग के तीन खूंखार शूटरों गुड्डू मुस्लिम, अरमान और साबिर के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की है कि अब उनके पास लौटने के लिए घर तक नहीं बचा है।
आइये, आसान भाषा में समझते हैं कि पुलिस ने आखिर किया क्या है और इसका इन बदमाशों पर क्या असर पड़ेगा।
घर पर बजी डुगडुगी और लगा सरकारी ताला
सोमवार को प्रयागराज पुलिस की टीम ने बाकायदा मुनादी करवाई (ढोल-नगाड़े या डुगडुगी बजाकर घोषणा करना)। पुलिस अतीक के तीन इनामी बदमाशों के घरों पर पहुंची। ये तीनों गुड्डू मुस्लिम (वही जो झोले से बम निकालता था), शूटर अरमान और साबिर लंबे समय से फरार हैं और पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
चूंकि ये लोग कोर्ट में सरेंडर नहीं कर रहे थे, इसलिए कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने इनकी संपत्ति को कुर्क (Attatch) कर लिया है। इसका मतलब यह है कि अब इनके मकान और दुकान सरकार के कब्जे में हैं।
किसका क्या गया?
यह कार्रवाई धारा 83 के तहत की गई है।
- गुड्डू मुस्लिम: जिसे इस पूरे कांड का सबसे खतरनाक किरदार माना जाता है, पुलिस उसके शिवकुटी वाले घर पहुंची। वहां उसका घर और चिकन की दुकान, दोनों को सील कर दिया गया है। वहां का सारा सामान पुलिस ने जब्त कर लिया है।
- अरमान: सिविल लाइंस में रहने वाले शूटर अरमान के घर पर भी पुलिस ने ताला जड़ दिया है।
- साबिर: मरियाडीह के रहने वाले साबिर की संपत्ति को भी कुर्क किया गया है।
साफ़ सन्देश: 'अपराध करोगे तो कुछ नहीं बचेगा'
दोस्तों, इस कार्रवाई का मकसद सिर्फ मकान जब्त करना नहीं है। पुलिस और प्रशासन यह साफ़ संदेश देना चाहते हैं कि अपराधी चाहे कितना भी भाग ले, पुलिस उसका 'इकोसिस्टम' ख़त्म कर देगी। पहले अतीक की बेनामी संपत्तियां और अब उसके गुर्गों के आशियाने—एक-एक करके सब पर गाज गिर रही है।
फरारी में अब क्या करेंगे?
सोचिये, ये बदमाश 5-5 लाख के इनामी हैं और पुलिस से बचने के लिए जगह-जगह छिपते फिर रहे हैं। ऐसे में जब उन्हें पता चलेगा कि जिस घर या संपत्ति के भरोसे वो थे, वो अब उनके हाथ से निकल चुकी है, तो उनकी मानसिक हालत क्या होगी? आर्थिक चोट किसी भी अपराधी को तोड़ने का सबसे कारगर तरीका होती है।
प्रयागराज पुलिस का कहना है कि अगर ये अब भी पेश नहीं हुए, तो आगे की कार्रवाई और भी सख्त हो सकती है। तो कुल मिलाकर बात यह है यूपी में कानून का राज है, और अपराधियों के लिए बचने का कोई रास्ता नहीं।